कोटा

Delhi-Mumbai Expressway : NHAI की नई व्यवस्था, मुकुंदरा टनल से गुजरने पर देना होगा अतिरिक्त चार्ज, लगेगा इतना टोल

Delhi-Mumbai Expressway : एनएचएआइ ने मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व टनल संचालन के लिए अलग से यूजर चार्ज लेने की व्यवस्था की है। इन वाहनो को टनल से गुजरने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
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Jul 16, 2026
NHAI system Delhi Mumbai Expressway Additional charges applicable through Mukundra Tunnel
Delhi-Mumbai Expressway : मुकुन्दरा में बनकर तैयार टनल। फोटो पत्रिका

Delhi-Mumbai Expressway : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बनाई जा रही अत्याधुनिक टनल से गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टनल संचालन के लिए अलग से यूजर चार्ज लेने की व्यवस्था की है। टनल से गुजरने वाले वाहनों की पहचान डिजिटल प्रणाली से की जाएगी। वाहन जब एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा से गुजरेंगे, तब इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से यह पता चल जाएगा कि संबंधित वाहन ने टनल का उपयोग किया है या नहीं। इसी आधार पर वाहन के फास्टैग खाते से अतिरिक्त टनल शुल्क स्वतः काट लिया जाएगा। इससे अलग से किसी अतिरिक्त टोल नाके पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी और यातायात भी सुचारू बना रहेगा।

ये वाहन रहेंगे प्रतिबंधित

टनल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सुरक्षा प्रावधान भी किए गए है। पेट्रोलियम पदार्थों, गैस, ज्वलनशील एवं अन्य खतरनाक रसायनों (हैजर्डस केमिकल) से भरे वाहनों को टनल से होकर गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन वैकल्पिक मार्ग से ही निकल सकेंगे। ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या रिसाव की स्थिति में टनल व टाइगर रिजर्व के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

किस पर कितना टोल

वाहन - राशि
कार - 100
लाइट कमर्शियल व्हीकल - 160
बस - 335
3-एक्सल - 365
4-6 एक्सल - 525
7 या अधिक एक्सल - 640
(गोपालपुरा से चेचट तक एक ओर का टोल)

टोल राशि निर्धारित

टनल शुरू होने के बाद विधिवत टोल राशि वसूल की जाएगी। इसके लिए इस मार्ग पर अलग-अलग श्रेणी के लिए अलग-अलग टोल राशि निर्धारित की गई है।
संदीप अग्रवाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बारे में अपडेट

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 80 फीसदी निर्माण पूरा हो गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-हरियाणा, राजस्थान-एमपी और गुजरात से गुजर रही है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में अब तक 1.10 लाख करोड़ रुपए खर्च हाू चुके हैं। यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे हैं जिसकी कुल लंबाई 1386 किमी है। हरियाणा के सोहना से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्‍तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद जैसे शहरों को जोड़ता है। कोटा के मुकुंदरा हिल्स में बन रही ट्विन टनल का भी 96 फीसदी काम पूरा हो गया है। पूरे राजस्थान में सिर्फ 12 किलोमीटर का काम बाकी है।

राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 373 किमी है। इसमें पैकेज नंबर 10 के 26 किमी लंबे हिस्सा आता है। इस हिस्से में 3-4 किमी का काम शेष है। पैकेज 10 का हिस्सा सवाई माधोपुर से बूंदी तक फैला है। इसकी डेडलाइन 30 अगस्त है।

कोटा के पास पैकेज नंबर-15 में मुकुंदरा हिल्स पर 8.3 किमी टनल अभी शुरू नहीं हो पाई है। उम्मेदपुरा-नया गांव ट्विवन टनल प्रोजेक्ट मुकुंदरा हिल्स के नीचे बनाई जा रही है। 8 लेन की पूरी टनल 8.3 किमी की है। प्रत्येक टनल लगभग 20 मीटर चौड़ी और 11 मीटर ऊंची है। ट्विन टनल प्रोजेक्ट की लागत 1914 करोड़ रुपए है। टनल का 96 फीसदी काम पूरा हो गया है। महज 5 किमी एरिया का काम बाकी है।

Updated on:
16 Jul 2026 09:03 am
Published on:
16 Jul 2026 09:03 am