
मंडल रेलवे के सवाईमाधोपुर जंक्शन पर हादसा होने से पांच लोगों की जान चली गई। एेसा हादसा कोटा जंक्शन पर कभी भी हो सकता है। वह इसलिए कि यहां सेफ्टी को लेकर रेल प्रशासन घोर लापरवाही बरत रहा है। पत्रिका टीम ने रविवार को कोटा जंक्शन का जायजा लिया तो हर पल हादसे का अंदेशा नजर आया। यहां ट्रेक पर मवेशी टहल रहे थे। यात्री पटरी पार कर रहे थे और गलत दिशा से टे्रन में चढ़ रहे थे, उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नजर नहीं आया।
कई यात्री पटना एक्सप्रेस का ट्रेक पर खड़े होकर इंतजार करते दिखे। स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी के थाने हैं। यहां व्यवस्थाओं को देखने के लिए निदेशक स्तर के अधिकारी को तैनात कर रखा है। इसके बाद भी संरक्षा मापदंडों की यहां खिल्ली उड़ती नजर आई। डीआरएम ने कई बार निरीक्षण कर स्टेशन निदेशक को जंक्शन की व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए, लेकिन वे सब हवा हो गए। किसी ने इस आेर ध्यान नहीं दिया।
ट्रेन आते ही भगदड़ मची
प्लेटफार्म नम्बर चार पर जैसे ही पटना-कोटा एक्सप्रेस आई तो भगदड़ मच कई। ६० से ज्यादा यात्री गलत दिशा में ट्रेक पर खड़े हो गए, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं टोका। यात्री ट्रेक पर इधर से उधर भागते रहे। प्लेटफार्म के दूसरी ओर पटरी पर खड़े खडे लोग ट्रेन में चढ़ते हुए। यहां प्लेटफार्म नम्बर एक और दो पर मोटरसाइकिल दौड़ती नजर आई। इस पर दो जने सवार होकर यात्री को सामान देने गए। जंक्शन पर ही बाइक सवार ट्रेक को पार कर रहे थे, लेकिन किसी ने नहीं टोका।
राजधानी के आगे से निकले यात्री
त्रिवेन्द्रम राजधानी एक्सप्रेस जब प्लेटफार्म पर खड़ी तो चालक हार्न बजा रहा था और यात्री इंजन के आगे से गुजरते नजर आए।
स्टेशन और ट्रेक से मवेशी हटाने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए स्टेशन निदेशक को निर्देश दे रखे हैं। यदि कोई लापरवाही हो रही है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
अमरदीप सिंह, प्रवक्ता, रेलवे कोटा मंडल