
Canva layoffs 2026 : नौकरी गई तो क्या मिलेगा 6 महीने का वेतन? Canva की छंटनी ने भारत के श्रम कानून पर छेड़ी नई बहस (फोटो सोर्स:@freepnglogo.com)
Canva 1271 Employees Layoff,: नौकरी जाने की खबर किसी कर्मचारी के लिए सिर्फ सैलरी बंद होने का मामला नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल है। दुनिया की लोकप्रिय डिजाइन कंपनी Canva ने 1,271 कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले पुनर्गठन का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से छह महीने तक वेतन और करियर सहायता जैसे कदमों ने चर्चा बढ़ा दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत में किसी कंपनी की छंटनी होने पर कर्मचारियों को कितनी राहत मिल सकती है और कानून उनके लिए क्या सुरक्षा देता है?
Canva ने वैश्विक स्तर पर अपने करीब 22 फीसदी कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले पुनर्गठन की घोषणा की है। कंपनी के इस फैसले से 1,271 कर्मचारियों की भूमिकाएं प्रभावित होंगी। हालांकि, सभी कर्मचारियों की नौकरी समाप्त नहीं होगी। कुछ लोगों के पद बदले जाएंगे, जबकि कुछ को दूसरे स्थानों पर काम करने के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है।
कंपनी की सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेलानी पर्किन्स ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में स्वीकार किया कि पिछले एक दशक में पहली बार कारोबार की वृद्धि धीमी हुई है। उनके मुताबिक, कंपनी को अगले चरण में सफलता हासिल करने के लिए अपने कामकाज के तरीके में बड़े बदलाव करने होंगे।
कंपनी की ओर से घोषित सहायता में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जो सामान्य छंटनी से अलग नजर आते हैं।
कंपनी पूर्व कर्मचारियों को संभावित नियोक्ताओं और उद्योग के लोगों से जोड़ने के लिए एक वैकल्पिक नेटवर्क भी तैयार कर रही है।
Canva का मामला उन सभी लोगों के लिए मायने रखता है जो भारत में काम कर रहे हैं। यहां नौकरी जाने पर मुआवजा सिर्फ कंपनी की मर्जी से तय नहीं होता। कर्मचारी का पद, उसकी सेवा की अवधि, कंपनी का आकार और कौन सा श्रम कानून उस पर लागू होता है। ये सारी चीजें तय करती हैं कि अधिकार क्या होंगे।
भारत में औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत छंटनी और अस्थायी रूप से काम न होना, दोनों अलग हैं। आम ज़ुबान में चाहे दोनों को छंटनी कह लें, लेकिन कानून के मुताबिक इनके अलग-अलग मतलब हैं और इन पर मिलने वाले पैकेज भी अलग हो सकते हैं।
अब छंटनी यानी रिट्रेंचमेंट की बात करें, तो अगर आप पात्र कर्मचारी हैं, तो कंपनी को नौकरी खत्म करने से पहले एक महीने का नोटिस देना होता है या उसके बदले सैलरी देनी पड़ती है। इसके अलावा, हर पूरे साल की सर्विस और छह महीने से ऊपर के हिस्से के लिए भी 15 दिन के औसत वेतन के बराबर मुआवजा देना होता है। कुछ मामलों में, फिर से नौकरी देने या सरकारी इजाजत से जुड़े नियम भी लागू होते हैं।
दूसरी तरफ, अगर कंपनी काम नहीं दे पा रही जैसे कच्चे माल की कमी, बिजली की दिक्कत या मशीन खराब होने की वजह से तो उस हालात को lay-off कहा जाता है। ऐसे में पात्र कर्मचारी को आम तौर पर बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का आधा हिस्सा बतौर मुआवजा मिलता है। ये भी संबंधित नियमों और शर्तों पर निर्भर करता है।
यहां एक बात साफ है हर कर्मचारी को एक जैसा मुआवजा नहीं मिलता। जो लोग मैनेजमेंट के बड़े पदों पर हैं, उनके अधिकार और जो लोग श्रमिक की परिभाषा में आते हैं, उनके हक अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए अगर नौकरी खत्म हो रही है, तो अपने अपॉइंटमेंट लेटर, कुल सेवा और कंपनी की नीति जरूर जांच लें।
Canva ने नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को कुछ फाइनेंशियल सपोर्ट, अगली नौकरी ढूंढने में मदद और हेल्थ सेफ्टी जैसी चीजें दीं। ये काफी अहम है क्योंकि नौकरी जाने का असर सिर्फ उस इंसान तक सीमित नहीं रहता, उसके परिवार और भविष्य पर भी पड़ता है।
रिस्ट्रक्चरिंग के दौरान, किसी की भूमिका बदल सकती है या किसी को किसी और जगह भेजा जा सकता है। इससे ये जरूरी नहीं कि हर सीधे 1,271 कर्मचारी नौकरी से बाहर हो ही जाएंगे।
भारत में भी, अगर कभी नौकरी छूटनी पड़े, तो ये जानना सबसे जरूरी है कि आपके क्या अधिकार हैं। नोटिस पीरियड क्या है, मुआवजा क्या होगा, और कंपनी की क्या पॉलिसी है। Canva जैसे केस उदाहरण हो सकते हैं, मगर सब कंपनियों पर वही नियम लागू नहीं होते। आखिरकार, राहत वही मिलेगी जो कानून, जॉब की टर्म्स और कंपनी की पॉलिसी में लिखा है।
Updated on:
5 Nov 2026, 10:12 AM IST
Published on:
5 Nov 2026, 10:12 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.