कोटा

आचार संहिता का बहाना.. चम्बल किनारे पानी को तरस रहे लोग

आचार संहिता के फेर में अटकी फाइल, आरसी खत्म, रिवाइजर की पत्रावली लम्बित
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Apr 20, 2019
kota news
आचार संहिता का बहाना.. चम्बल किनारें पानी को तरस रहे लोग,

कोटा . गर्मी शुरू होते ही शहर में पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। जलदाय विभाग कई क्षेत्रों में सुचारू जलापूर्ति करने में नाकाम रहा है। नगर विकास न्यास की ओर से इस बार पानी की किल्लत से परेशान लोगों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। न्यास और नगर निगम की ओर से हर साल गर्मी में पानी की किल्लत के चलते बोरिंग करवाए जाते थे, ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े।


न्यास की ओर से बोरिंग का काम वार्षिक ठेका दर (एआरसी) के तहत दिया गया था, लेकिन इस बार आचार संहिता के कारण बोरिंग का नया ठेका नहीं हो पाया है। इसके चलते न्यास ने एआरसी को ही रिवाइज करवाने के लिए पत्रावली न्यास अध्यक्ष को भेज दी है, लेकिन करीब डेढ़ माह से पत्रावली लम्बित पड़ी है। इस कारण न्यास सार्वजनिक स्थलों व पार्कों में बोरिंग नहीं करवा पा रहा है। यही स्थिति नगर निगम की है। निगम प्रशासन की ओर से भी आचार संहिता का बहाना बनाकर जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत है, वहां बोरिंग नहीं करवाए जा रहे हैं।


हर वार्ड से डिमांड आई, लेकिन राहत नहीं
पार्षदों ने पानी की किल्लत के चलते अपने-अपने वार्डों में यूआईटी और नगर निगम के माध्यम से बोरिंग करवाने का मांग पत्र भेजा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता के कारण नए टेण्डर नहीं हो सकते हैं। पार्षदों का कहना है कि अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।


टैंकरों से जलापूर्ति
प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका कहना है कि नांता और करणी नगर क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत है। इसलिए न्यास प्रशासन से बोरिंग करवाने का आग्रह किया था, लेकिन आचार संहिता की बात कहकर टाल दिया गया है। अब टैंकरों से जलापूर्ति करवाई जा रही है।


मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं
पार्षद गोपालराम मण्डा का कहना है कि महावीर नगर प्रथम में पानी की किल्लत के चलते दो बोरिंग करवाने का न्यास प्रशासन से आग्रह किया था, अधिकारियों ने जवाब दिया कि एआरसी खत्म हो गई। इस कारण नए बोरिंग नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्या आचार संहिता में जनता प्यासी रहेगी।
अधिकारियों को कोई भी काम बताया जाता है तो आचार संहिता का बहाना बना लेते हैं। गर्मी में पानी की किल्लत है तो अभी समाधान होना चाहिए।
सुनीता व्यास, उप महापौर


जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत की शिकायत आ रही हैं, वहां टैंकर भेजे जा रहे हैं। बोरिंग की एआरसी जल्द ही जारी की जाएगी।
भवानीसिंह पालावत, सचिव यूआईटी

Updated on:
20 Apr 2019 05:39 pm
Published on:
20 Apr 2019 05:39 pm