
कोटा. कोटा जिले के किसान खरीफ सीजन में इस बार संतरे की फसल का भी बीमा करवा सकेंगे। हाड़ौती के चारों जिलों में उद्यानिकी वर्ग में संतरे की फसल के बीमा के लिए कोटा का चयन किया गया है। मौसम आधारित फसल बीमा में जिलेवार फसलों के उत्पादन के आधार पर फसलों का चयन किया गया है। पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा लागू करने के संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। केन्द्रीय कृषि, सहकारिता एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के क्रियान्वयन के आदेश के तहत राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी की है।
इस बीमा योजना में प्रदेश के 28 जिलों को शामिल किया गया है। कोटा जिले में खरीफ में संतरे की फसल को बीमित किया गया है। जिले में रामगंजमंडी क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से संतरे की बगीचे लगाना शुरू किया है। इस क्षेत्र की जलवायु भी संतरा उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी गई है। हाड़ौती में सबसे अधिक संतरे के बगीचे झालावाड़ जिले में है।
जिला बीमित फसलें
कोटा : (खरीफ) : संतरा, रबी के लिए लहसुन, टमाटर, अमरूद
बारां : अमरूद
झालावाड़ : प्याज और लहसुन
बूंदी : लहसुन, टमाटर, बैंगन और अमरूद
यह है प्रीमियम
अधिसूचना के संतरे की फसल 60500 रुपए प्रति हैक्टेयर की बीमित राशि निर्धारित की गई। इसमें 5 प्रतिशत बीमा प्रीमियम किसानों का देय होगा। 10-10 प्रतिशत राशि का प्रीमियम केन्द्र और राज्य सरकार देगी।
फसल बीमा योजना स्वैच्छिक की गई है, जो ऋणी किसान फसल बीमा नहीं लेना चाहते हैं, वह संबंधित बैंक में आवेदन पत्र भरकर दें।
रामनिवास पालीवाल, उप निदेशक कृषि विस्तार कोटा