
कोटा. एनटीए की ओर से देशभर में 13 सितंबर को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी-2020 (neet UG 2020) ऑफ लाइन मोड में आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होने वाली इस परीक्षा में 15 लाख परीक्षार्थियों के बैठने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में एनटीए ( national test agency )ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया है। जिसमें परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का उल्लेख है। नीट प्रवेश पत्र के पीछे कई दिशा-निर्देश लिखे जाएंगे, जिनका छात्रों को पालन करना होगा।
मिलेगा अलग कमरा
एनटीए की योजना है कि परीक्षा केंद्र पर छात्रों की भीड़ को रोकने के लिए उनके रिपोर्टिंग समय को अलग रखा जाएगा। प्रत्येक छात्र के शरीर के तापमान को बुखार की जांच के लिए प्रवेश बिंदु पर जांचा जाएगा। परीक्षा के दौरान, यदि यह पाया जाता है कि किसी छात्र के शरीर का तापमान सामान्य से अधिक है या उसे कोरोना संक्रमण (corona infection) के लक्षण हैं, तो उसे एक अलग कमरे में बैठने और परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा।
इन चीजों के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति
- मास्क, दस्ताने, पानी की पारदर्शी बोतल, सैनेटाइजर, प्रवेश पत्र और आईडी कार्ड।
- लंबे समय तक संसूचित डिटेक्टर से उम्मीदवारों की फ्रि स्किंग करना अनिवार्य होगा।
- फ्रि स्किंग व्यक्ति यह सुनिश्चित करेगा कि डिटेक्टर किसी भी छात्र के शरीर को न छुए।
- परीक्षा केंद्र और परीक्षा कक्ष में ब्लूटूथ और वाईफ ाई सिग्नल की उपस्थिति की जांच की जाएगी।
- मैन्युअल हस्ताक्षर लिए जाएंगे। अंगूठे का निशान नहीं।
- एग्जाम रूम में इनविजिलेटर का फि जिकल मूवमेंट कम होगा।