बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में नशे का हाईडोज इंजेक्शन लगाने से बुधवार देर रात नर्सिंग छात्र की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
कोटा . बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में नशे का हाईडोज इंजेक्शन लगाने से बुधवार देर रात नर्सिंग छात्र की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बजरंग नगर पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक महेश कुमार ने बताया कि अनिल की मौत के बाद उसके साथी सुनील से पूछताछ की गई। सुनील ने बताया कि खाने का पैकेट, स्मैक की पुडिय़ा, नींबू व एविल की शीशी अनिल साथ लेकर आया था। उसने एविल में नींबू और स्मैक मिलाकर उसे गर्म किया।
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इसके बाद सीरिंज में भरकर पहले खुद इंजेक्शन लगाया और बाद में उसके। इसके बाद दोनों को नींद आ गई। देर रात जब उसे होश आया तो अनिल पलंग के नीचे पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। वह एम्बुलेंस से उसे अस्पताल लेकर गया, जहां उसकी मौत हो गई। छात्र और उसके दोस्त ने एक दूसरे के इंजेक्शन लगाए थे। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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एएसआई भीमराज सिंह ने बताया कि भरतपुर के रहीमपुर निवासी अनिल कुमार (20) नर्सिंग प्रथम वर्ष का छात्र था। वह बुधवार रात बजरंग नगर में अपने दोस्त छात्र सुनील कुमार के कमरे पर आया था। यहां दोनों ने देर रात एविल के इंजेक्शन में ड्रग्स मिलाकर एक दूसरे के लगाए, ऐसा सुनील ने पूछताछ में बताया। हाईडोज होने पर अनिल की तबीयत खराब हो गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगे। इस पर सुनील उसे एमबीएस अस्पताल लाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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परीक्षा फॉर्म भरने आया था कोटा
मृतक के जीजा इनीम सिंह ने बताया कि अनिल पूर्व में अक्टूबर 2016 में कोटा आया था। कुछ समय बाद ही वह वापस चला गया। नर्सिंग प्रथम वर्ष की परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए ही वह बुधवार शाम को ही कोटा आया था। यहां अपने दोस्त सुनील के घर चला गया। मौत कैसे हुई, इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।