कोटा

जेईई मेंस अप्रैल-2019 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 फरवरी से शुरू

परीक्षा 6 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच, नौ लाख विद्यार्थियों द्वारा आवेदन की संभावना
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Feb 06, 2019
Online application process for JEE Mains April 2019 starting 8
जेईई मेंस अप्रैल-2019 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 फरवरी से शुरू

कोटा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जेईई मेंस अप्रैल-2019 के आवेदन की प्रक्रिया कल 8 फरवरी से प्रारंभ कर दी जाएगी। आप को बता की वर्ष-2019 से पूर्व इसे ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनो मोड़ पर आयोजित किया जाता था। तथा इसका आयोजन वर्ष में एक ही बार अप्रैल माह में होता था। किंतु नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के गठन के पश्चात यह परीक्षा पूर्णतया ऑनलाइन कर दी गई है। तथा इसे वर्ष में दो बार क्रमशः जनवरी एवं अप्रैल में आयोजित किया जाने लगा है।

आवेदन की अंतिम तिथि 7 मार्च

इंजीनियरिंग के लिए लगभग नौ लाख एवं आर्किटेक्चर/प्लानिंग के लिए लगभग दो लाख विद्यार्थियों के आवेदन की संभावना


कॅरिअर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि जनवरी-2019 अटेम्प्ट हेतु इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए 9.29 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया था तथा 8.74 लाख विद्यार्थी उपस्थित रहे थे। आर्किटेक्चर एंड प्लैनिंग की बात की जाए तो 1.80 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया एवं 1.45 लाख विद्यार्थी उपस्थित थे। अप्रैल अटेम्प्ट में आवेदन की संख्या में कुछ कमी होने की संभावना है। क्योंकि वे विद्यार्थी जिनका एनटीए स्कोर 99.9 से 100 परसेंटाइल के मध्य वे निश्चित तौर पर आवेदन के इच्छुक नहीं होंगे।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से कुछ न्यायोचित अपेक्षाएं

देव शर्मा ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित जेईई मैंस 2019 का आयोजन तकनीकी तौर पर एक अत्यंत सफल आयोजन था। किंतु अकादमिक दृष्टि से देखा जाए तो इसमे कई खामियां थीं। प्रश्नों की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। मानक उत्तर तालिका पर आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था में भी खामी थी। प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराने की कोई व्यवस्था ही नहीं थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से आग्रह है कि अप्रैल अटेम्प्ट के दौरान प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता तथा आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था में सुधार किया जाए।

तथ्यात्मक आंकड़ों पर एक नज़र

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
11 प्रश्न रद्द , 5 प्रश्नों के एक से अधिक विकल्प ठीक

आर्किटेक्चर एवं प्लैनिंग प्रवेश परीक्षा
एक प्रश्न रद्द, तीन प्रश्नों के एक से अधिक विकल्प ठीक

देव शर्मा ने बताया कि यदि तथ्यात्मक आंकड़ों पर बात की जाए तो इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के जनवरी अटेम्प्ट में एजेंसी ने स्वयं 11 प्रश्न रद्द किए। 5 प्रश्न ऐसे स्वीकार किए गए जिनके एक से अधिक विकल्प ठीक थे। यानी कुल मिलाकर 16 प्रश्नों पर तो त्रुटि स्वयं एजेंसी ने स्वीकार की। इसके अलावा भी कुछ प्रश्न ऐसे थे जहां विषय विशेषज्ञ आपत्ति जताते रहे।

आर्किटेक्चर एवं प्लैनिंग प्रवेश परीक्षा की बात करें तो 8 जनवरी 2019 को दो शिप्टों में आयोजित की गई इस परीक्षा में भी एक प्रश्न रद्द किया गया। तथा तीन प्रश्न ऐसे थे जिनके एक से अधिक विकल्प ठीक थे। यह संपूर्ण त्रुटियां प्रातः कालीन शिफ्ट के प्रश्न पत्र में थी। हालांकि सकारात्मक पहलू यह भी रहा की 8 जनवरी की सायं कालीन शिफ्ट का प्रश्न पत्र त्रुटिहीन था।


अन्याय प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने निश्चित तौर पर रद्द किए गए प्रश्नों पर अपना समय लगाया होगा। किंतु प्रश्न रद्द होने के पश्चात इन विद्यार्थियों को कोई लाभ नहीं मिला। क्योंकि प्रश्न रद्द होने पर सभी विद्यार्थी समान स्तर पर थे। चाहे विद्यार्थियों ने प्रश्न पर समय और ऊर्जा लगाई हो या ना लगाई हो। एक से अधिक विकल्प ठीक होना भी प्रश्नों की गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है क्योंकि वास्तविकता में तो केवल एक ही विकल्प ठीक होना चाहिए।

स्कोर जारी करने से पूर्व संशोधित मानक उत्तर तालिका का प्रकाशन अपेक्षित


प्रतियोगी परीक्षाओं की एक निश्चित एवम पारदर्शी कार्य प्रणाली होती है। परीक्षा संपन्न होने के पश्चात सर्वप्रथम उत्तर तालिका जारी की जाती है। प्रश्नों एवं उत्तरों पर निश्चित समय अंतराल में आपत्तियां आमंत्रित की जाती है। तत्पश्चात अस्वीकृत एवं स्वीकृत आपत्तियों के अनुसार संशोधित अंतिम उत्तर तालिका जारी की जाती है। अंततः इस संशोधित उत्तर तालिका के अनुसार विद्यार्थियों के स्कोर जारी किए जाते हैं।


जनवरी अटेम्प्ट में इस पारदर्शी तरीके का उपयोग नहीं किया गया। विद्यार्थी विशेष ऑनलाइन पोर्टल पर उत्तर तालिका जारी की गई। उत्तर तालिका पर आपत्तियां मांगी गई। किंतु आपत्तियों की स्वीकृति एवम अस्वीकृति पारदर्शी नहीं रही। एजेंसी प्रशासन ने स्वनिर्णय लेते हुए बिना संशोधित उत्तर तालिका के विद्यार्थियों के स्कोर जारी कर दिए। स्कोर जारी होने के पश्चात संशोधित उत्तर तालिका जारी की गई। जनवरी अटेम्प्ट की कार्यप्रणाली असामान्य एवं अपारदर्शी रही। किंतु अप्रैल अटेम्प्ट में एजेंसी से एक पारदर्शी कार्यप्रणाली अपेक्षित है।

Updated on:
07 Feb 2019 10:46 am
Published on:
06 Feb 2019 08:01 pm