
कोटा .
भारतीय उच्चायुक्त ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को कराची जेल में कैद बूंदी के जुगराज भील की नागरिकता से जुड़े सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। जिसके बाद पाकिस्तान ने जेल का रिकॉर्ड दुरुस्त कर फर्ज नाम बबली भाई को बदल कर असली नाम जुगराज दर्ज कर लिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारतीय दूतावास को आश्वस्त किया है कि शिनाख्त पक्की हो जाने के बाद अब जल्द ही जुगराज की रिहाई कर दी जाएगी।
पाकिस्तान में अवैध तरीके से घुसने के आरोप में कराची पुलिस ने अप्रेल 2014 में बूंदी के जुगराज को गिरफ्तार किया था। हिंदुस्तान में उसकी शिनाख्त न हो सके, इसलिए गिरफ्तारी के बाद रिकॉर्ड में उसका नाम बदलकर बबली भाई रख दिया। फॉर्नर एक्ट 14 के अंडर सेक्शन 3 के तहत उसके खिलाफ कराची कोर्ट में मुकदमा चला। कोर्ट ने 17 मई 2014 को फैसला सुनाया। जिसमें जुगराज को भूलवश सीमा लांघने का दोषी मानते हुए 15 दिन की सजा सुनाई गई। जिसके बाद उसे कराची जिला जेल भेज दिया गया। इसी बीच पाकिस्तान ने अपनी जेलों में कैद भारतीय नागरिकों की सूची साझा की। भारतीय विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड में भी गलत पहचान दर्ज हो जाने के कारण तीन साल तक अपने ही देश में जुगराज की शिनाख्त नहीं हो सकी।
पाकिस्तान को सौंपा रिकॉर्ड
मिनिस्ट्री ऑफ एक्टर्नल अफेयर्स के डिप्टी सेक्रेटरी (पाकिस्तान) सुरेश कुमार ने बताया कि मई में बूंदी पुलिस ने कराची जेल में कैद बबली भाई नाम के शख्स को बूंदी का जुगराज बताते हुए उसकी भारतीय नागरिकता की जानकारी मंत्रालय को भेजी। भारतीय उच्चायुक्त ने एक जुलाई 2018 को सारा रिकॉर्ड पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को सौंप दिया।
जल्द होगी वापसी
पाकिस्तानी जेलों में कैद भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहे जागर संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि जुगराज की शिनाख्त होने के बाद पाकिस्तान सरकार ने जेल का रिकॉर्ड दुरुस्त कर लिया है और उसके बाद प्रत्यार्पण की कार्रवाई शुरू हो गई है। उम्मीद है कि जल्द ही जुगराज अपने घर वापस लौट आएगा।