कोटा

कोई पुजारी तो कोई किसान…चुनाव में दिग्गजों को पटखनी दे जनता ने इन्हें सौंपी पंचायत की कमान

पढ़ी लिखी दो, अविवाहित,मंदिर का सेवादार भी बना सरपंच  

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Jan 30, 2020
कोई पुजारी तो कोई किसान...चुनाव में दिग्गजों को पटखनी दे जनता ने इन्हें सौंपी पंचायत की कमान

रामगंजमंडी. पंचायतराज के चुनावों मे कई दिग्गजों को मतदाताओं ने शिकस्त दी तो कुछ ऐसे प्रत्याशी की प्रचार सामग्री तक छपवाकर चुनावी बागड़ोर की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्हे निर्वाचित कराया। जुल्मी मे अनुसूचित जाति वर्ग से नवनिर्वाचित सरपंच पुष्पा परमार 22 के पिता पोलिश फेक्ट्री मे मशीनमैन है। नवनिर्वाचित सरपंच पुष्पा ने ग्रेजुएशन किया हुआ है। चुनाव लडऩे के लिए जब ग्रामीणों ने प्रोत्साहित किया तो उन्होंने नामांकन भरा। चुनाव प्रचार सामग्री की राशि ग्रामीणों ने स्वंय के खर्च पर छपवाई तो प्रचार की कमान भी संभाली।


चेचट ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित सरपंच कृष्णा माली े बी एड किया हुआ है। कम्पीटीशन परीक्षा की वह तैयारी कर रही है। आरक्षण लॉटरी मे चेचट पंचायत ओ बी सीवर्ग के लिए आरक्षित हुई तो परिवार के सदस्यों ने उसे सरपंच का चुनाव लडऩे के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने उन्हे सहयोग भी किया। सरपंच पद के लिए चुनाव लडऩे वाली अन्य प्रत्याशियों मे अधिकांश चेचट की बहूएं थी। बेटी के रुप मे कृष्णा माली चुनाव लड़ रही थी। कृष्णा ने चेचट के प्रत्येक घर पर दस्तक देकर समर्थन मांगा। कृष्णा सरपंच का चुनाव 20 मतों के अंतर से जीती है।

खैराबाद के नवनिर्वाचित सरपंच बाबूलाल लोधा ने पोलोटेक्निक की हुई है। पिता के साथ वह खेतीबाड़ी मे हाथ बंटाता है। रोजगार का कोई साधन उसके पास नही है। वीर हनुमान मंदिर व शीतला माता मंदिर मे सेवादार के रुप मे उसकी पहचान बनने के बाद ग्रामीणों ने ओ बी सी वर्ग मे सरपंच की सीट आरक्षित होने पर उसे प्रत्याशी बनाकर चुनाव लड़ाया। चुनाव मे होने वाले खर्च कीराशि ग्रामीणों के समूह ने एकत्रित की और प्रचार मे किसी तरह की कोई कसर नही छोड़ी। खैराबाद मे सरपंच पद के लिए 15 प्रत्याशी थे जिसमे कुछ प्रत्याशी रसूरदार थे। निर्वाचित सरपंच 27 साल का है।

Published on:
30 Jan 2020 09:29 pm
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