
कोटा . आरपीएफ टीम ने कार्रवाई कर रेलवे में बुक पार्सल से चलती ट्रेन में सामान चोरी करने वाली गैंग पकड़ी है। गिरफ्तार चोरी करने के 7 आरोपित एक ही परिवार के सदस्य हैं और बारां जिले के अंता क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरपीएफ ने एक खरीदार को भी पकड़ा है। आरोपितों से काफी सामान भी बरामद किया है। आरोपित चोरी किया गया महंगे पार्सल 500 से 1000 रुपए में गांवों में बेच देते थे।
आरपीएफ निरीक्षक राजीव खरब ने बताया कि रेलवे में बुक सामान की सील तोड़कर सामान चोरी होने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। 22 अप्रेल को जोधपुर भोपाल और 2 मई को आगरा फोर्ट रतलाम ट्रेन से पार्सल में से रेडीमेड कपड़े, साडिय़ां, जूते व हाथ के कड़ों के बंडल चोरी होने की रिपोर्ट बारां व सवाई माधोपुर में दर्ज हुई थी। इस पर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरएसपी सिंह ने उनके व बारां के निरीक्षक जसराम गुर्जर के नेतृत्व में टीम गठित की।
Special News: कोटा में रोजाना 2.58 करोड़ की पड़ रही गर्मी!
उन्होंने कई दिन तक जानकारी जुटाई तो अंता रेलवे स्टेशन के पास एक खाली बोरा मिला। इससे उन्हें इसी क्षेत्र में चोरी होने की जानकारी मिली। वहां टीम ने अनुसंधान किया तो अंता के बालाहेड़ा गांव के कुछ लोगों के चोरी करने की बात सामने आई। अंता पुलिस से सम्पर्क कर पहले दो जनों को पकड़ा। पूछताछ में 10-15 जनों की गैंग का पता चला। इस पर 7 आरोपितों और 1 चोरी का माल खरीदने वाले को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से करीब 42 हजार रुपए का माल जब्त किया।
निरीक्षक राजीव ने बताया कि चोरी के आरोपित हंसराज, सुल्तान, बनवारी, अमर लाल, ब्रजेश, दिनेश व जमील को गिरफ्तार किया गया। दिनेश व ब्रजेश का रिमांड शुक्रवार को पूरा होने पर अदालत में पेश किया जाएगा। अन्य आरोपित जेसी हो गए हैं। सभी के खिलाफ अंता थाने में चोरी के 10 से 12 मुकदमें दर्ज हैं। ये मथुरा, रतलाम, दिल्ली व अन्य शहरों तक जाकर इसी तरह से चोरियां करते हैंं।
BIG NEWS: कोटा में लश्कर-ए-तैयबा की धमकी: एक करोड़ दो नहीं तो जान से मार देंगे!
भिखारी बनकर करते रैकी
उन्होंने बताया कि आरोपित चोरी के माल को गांव व शहर में सस्ते दामों में बेच देते हैं। इससे पहले ये रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अपाहिज व भिखारी बनकर रैकी भी करते हैं।