कोटा

Bitiya@Work: बेटियां पहुंची अपने मां-पिता के ऑफिस, उनकी जिम्मेदारियों को करीब से जाना, लिया ढेर सारा अनुभव

Patrika Bitiya@Work: पत्रिका के बिटिया @वर्क अभियान में बेटियों ने अपने पिता या मां के ऑफिस जाकर उनके काम, जिम्मेदारी और संघर्ष को बेहद करीब से समझा। यह समझा कि आफिस में काम करने के लिए प्रबंधन, अनुशासन, समय प्रबंधन और नई तकनीक की बहुत जरूरत होती है।
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Mar 21, 2026
Patrika Bitiya Work Daughters reached their parents office Get to know their responsibilities closely Got a lot of experience
Patrika Bitiya @Work: बेटियां पहुंची अपने मां-पिता के ऑफिस। फोटो पत्रिका

Patrika Bitiya@Work Initiative: पत्रिका की पहल पर बेटियों को शनिवार को अपने पेरेंट्स की कर्मभूमि पर जाने का अवसर मिला। जहां उन्होंने न केवल अपने मां पिता के काम और जिम्मेदारियों को समझा, बल्कि उनके साथियों से मुलाकात भी की। बेटियों ने अपनी आंखों से दफ्तरों में पेरेंट्स के संघर्ष को भी करीब से देखा।

1- बिजली से जुड़ी ली जानकारी

संस्था का नाम- जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
बिटिया का नाम - अन्वी मेहरा एवं प्रणवी मेहरा
मां का नाम - प्रियंका मेहरा
पेशा: सहायक अभियंता
बिटिया का अनुभव: मां के ऑफिस में जाकर कार्यप्रणाली को समझते हुए कम्प्यूटर संचालन एवं बिजली बिल से जुड़े कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यालय वातावरण को रोचक और प्रेरणादायक बताया।

अपनी मां प्रियंका मेहरा के ऑफिस में बेटियां अन्वी मेहरा एवं प्रणवी मेहरा। फोटो पत्रिका

2- स्कूल का मैनेजमेंट जाना

संस्था का नाम- एलबीएस एजुकेशनल
बिटिया का नाम- समृद्धि माथुर
पिता का नाम- कुलदीप माथुर
पेशा- निदेशक
बिटिया का अनुभव: आज मैं पापा की कुर्सी पर बैठक मैंने स्कूल का मैनेजमेंट को जाना। उन्होंने बताया कि ऑफिस में कैसे काम होता है और सभी ​शिक्षकों व स्टाफ का सहयोग लिया जाता है। स्कूल में स्टूडेंट्स को कैसे पढ़ाई करवाई जाती है।

अपने पिता कुलदीप माथुर के ऑफिस में बेटी समृद्धि माथुर। फोटो पत्रिका

3- वृद्ध जनों की सेवा व देखभाल को देखा

संस्था का नाम: मां सरस्वती वृद्धाश्रम
बिटिया का नाम : नैनिका शर्मा
पिता का नाम: दीपक शर्मा
पेशा: मैनेजर
बिटिया का अनुभव: आज मैं अपने पापा के साथ उनके ऑफिस गई। वहां जाकर मैंने उनसे उनकी कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी ली और देखा कि किस तरह वह वहां पर रह रहे वृद्ध जनों की सेवा एवं सहायता करते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं उनकी देखभाल करते हैं। पापा ने मुझे वहां रह रहे सभी वृद्धजनों से मिलवाया। मैंने सभी का चरण स्पर्श करके उनसे आशीर्वाद लिया उनके साथ समय बिताया। उनसे उनके जीवन के अनुभव लिए सभी वृद्ध जनों से मिलकर एवं बातचीत करके मैं बहुत रोमांचित थी यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय समय था।

अपने पिता दीपक शर्मा के ऑफिस में बेटी नैनिका शर्मा। फोटो पत्रिका

4- पापा की मेहनत और ईमानदारी को जाना

संस्था का नाम: मोना ट्रेडर्स
बिटिया का नाम: डॉ. खुशबू गर्ग​
पिता का नाम: कमलेश गर्ग
पेशा: बिजनेसमेन
बिटिया का अनुभव: पापा की दुकान पर जाना हमेशा एक खास अनुभव होता है। पापा पूरे ध्यान और लगन से ग्राहकों से बात करते हैं, उनकी ज़रूरत समझते हैं और उन्हें सही सामान देते हैं। उन्हें काम करते देख मुझे मेहनत और ईमानदारी का महत्व समझ आता है।

अपने पिता कमलेश गर्ग की दुकान में बेटी डॉ. खुशबू गर्ग​। फोटो पत्रिका
Published on:
21 Mar 2026 09:59 pm