कोटा

Unemployment : महीनों से बेरोजगार बैठी महिलाओं का फुटा गुस्सा, पंचायत भवन पर ठोका ताला

मनरेगा में रोजगार की मांग को लेकर श्रमिकों ने सोमवार को आलनिया नर्सरी के बाहर धरना दिया तथा ग्राम पंचायत भवन पर ताला जड़ दिया।
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Jul 03, 2018
 People's Protest For Employment
महीनों से बेरोजगार बैठी महिलाओं का फुटा गुस्सा, पंचायत भवन पर ठोका ताला

केबलनगर. मनरेगा में रोजगार की मांग को लेकर श्रमिकों ने सोमवार को आलनिया नर्सरी के बाहर धरना दिया तथा ग्राम पंचायत भवन पर ताला जड़ दिया। विधायक भवानीसिंह राजावत के शीघ्र काम दिलाने के आश्वासन पर पंचायत का ताला खोला गया।

जानकारी के अनुसार करीब 3 माह से काम शुरू नहीं होने से रोजगार से वंचित श्रमिकों में रोष था। मस्टररोल जारी होने पर बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक सुबह करीब छह बजे से 11 बजे तक काम पाने की आस में वन विभाग की आलनिया नर्सरी पर पहुंच गए लेकिन मौके पर वन विभाग का कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था।

यहां महिलाएं काम की मांग को लेकर धरना देकर बैठ गई। इसके बाद सूचना पर पहुंचे आलनिया सरपंच गजानंद भील व वार्ड पंच शिवराज गुर्जर ने श्रमिकों की समस्या का शीघ्र समाधान कराने व वन विभाग में काम नहीं मिलने पर कलक्ट्री पर प्रदर्शन का भरोसा दिलवाया लेकिन श्रमिक नहीं माने तथा करीब 1 किलोमीटर पैदल चलकर ग्राम पंचायत के अटल सेवा केंद्र पर पहुंच कर कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। सूचना पर भाजपा एससी मोर्चा के जिला महामंत्री रामप्रसाद चेतीवाल, मंडाना मंडल अध्यक्ष जगदीश हाड़ा, जिला कार्यकारिणी सदस्य अमर सिंह हाड़ा, किसान मोर्चा के सत्यनारायण सुमन आदि मौके पर पहुंचे।

घर खर्च चलाना हो रहा मुश्किल

महिला श्रमिक ममता बाई कौशल्या बाई, संतोष, कमला बाई आदि का कहना था कि मनरेगा में 3 माह से काम बंद है। ऐसी स्थिति में घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। राशन सामग्री भी नहीं खरीद पा रहे हैं। बच्चों की फ ीस देना और किताबें खरीदना भी मुश्किल हो गया है। वन विभाग में लाखों रुपए के काम स्वीकृत हैं फि र भी रोजगार नहीं मिल रहा है।

विधायक को बताई समस्या

इसी दौरान देवकुई गांव में किसी की गमी में शामिल होकर कार से लौट रहे लाडपुरा विधायक भवानी सिंह राजावत को अंडर पास के निकट मनरेगा श्रमिकों ने रोक कर समस्या बताई। विधायक ने डीएफ ओ ललित राणावत से बात कर शीघ्र कार्य शुरू कर श्रमिकों को रोजगार देने के निर्देश दिए। इसके बाद रमिकों का गुस्सा शांत हुआ और पंचायत का ताला खोल वे लौट गए।

Published on:
03 Jul 2018 12:30 am