कोटा

वो ट्रेन के आगे कूदा या कि‍सी ने फेंक दि‍या, Police के लि‍ए चुनौती बना मामला

शुक्रवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति का शरीर तीन हिस्सों में कट गया। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है।
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May 18, 2018
death
ट्रेन की चपेट में आने से तीन हिस्सों में कटा शरीर, मृतक की नहीं हो सकी पहचान

कोटा . उद्योग नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति का शरीर तीन हिस्सों में कट गया। मृतक की पहचान नहीं होने से पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है।

थाने के एएसआई भगवान दास ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि स्टीलब्रिज के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति कट गया है। जिसका शव पटरी के पास पड़ा हुआ है। इस सूचना पर वे मौके पर पहुंचे। वहां लोगों की भीड़ जमा हुई थी। मृतक का शरीर तीन हिस्सों में बंटा हुआ था।

उसके हाथ-पैर और धड़ अलग-अलग जगहों पर पड़े हुए थे। जिसके बारे में आस-पास लोगों से पूछताछ की गई लेकिन किसी ने भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने शव को समेट कर एम्बूलेंस की सहायता से एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

पुलिस ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 50 साल व रंग सांवला है। उसने सफेद पाजामा व पीली धारीदार कमीज पहन रखी है। उसके दाहिने हाथ पर गरवेश लिखा हुआ है। जिसकी पहचान नहीं हो सकी है। यह हादसा है या खुदकुशी इसकी जांच व परिजनों की तलाश की जा रही है।

हादसे में युवक की मौत

अनंतपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। प्रेम नगर द्वितीय निवासी परमानंद खटीक(35) रानपुर स्थित फैक्ट्री से बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। मौजूद लोगों ने उसे एमबीएस अस्पातल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की रिपोर्ट पर गुरुवार को अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

Published on:
18 May 2018 06:27 pm
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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

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