भारतीय जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय की हत्या की गुत्थी 49 साल बाद भी उलझी हुई है। BJP ही नहीं प्रधानमंत्री तक ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
Indian Politics की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री... पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हत्या... 49 साल बाद भी अनसुलझी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों खासकर एकात्म मानववाद का प्रचार प्रसार करने के लिए भले ही भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में उनका जन्म शताब्दी वर्ष मना रही हो, लेकिन उपाध्याय के परिजनों की ओर से उठाई गई हत्या की जांच की मांग को पार्टी ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनसुना कर दिया है। वजह जो भी हो, लेकिन कोई भी इस हत्याकांड से पर्दा उठाने को आगे नहीं आ रहा। दीनदयाल की जयंती पर उनके परिजनों ने पत्रिका डॉट काम के साथ अपना दर्द साझा किया।
विरोधाभासी जांच रिपोर्ट ने उलझाई गुत्थी
जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 52 वर्ष की आयु में 11 फ़रवरी 1968 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन यात्रा के दौरान हत्या कर दी गई थी। उनका पार्थिव शरीर मुग़लसराय स्टेशन के पास पटरियों पर पड़ा मिला था। सीबीआई की स्पेशल टीम और जस्टिस चंद्रचूड़ आयोग ने पंडित दीनदयाल हत्याकांड की जांच की, लेकिन किसी नतीजे पर पहुंचना तो दूर दोनों ने विरोधाभासी रिपोर्ट जारी कर Indian Politics की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री को और उलझा दिया।
मोदी के पीएम बनने के बाद जगी थी उम्मीद
केन्द्र में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार आने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय के परिजनों को Indian Politics की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री सुलझने की उम्मीद जगी थी। पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय की भतीजी और भाजपा राजस्थान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा ने प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और Indian Politics की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की मांग की। मधु शर्मा बताती हैं कि पीएम मोदी ने उन्हें जल्द से जल्द विशेष जांच कराने का आश्वासन दिया था।
तीन साल बाद भी नहीं ली सुध
पत्रिका डॉट कॉम से बात करते हुए मधु शर्मा कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय हत्याकांड की गुत्थी सुलझने की पूरी उम्मीद है। हालांकि अभी तक इस मामले में प्रधानमंत्री या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई कदम उठाया गया है, इसकी जानकारी नहीं है। मधु शर्मा कहती हैं कि वह जब भी दोबारा प्रधानमंत्री से मिलेंगी तो फिर से इस मामले की जांच कराने की मांग रखेंगी और उनके वायदे की याद दिलाएंगी।
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योगी सरकार से भी लगाई गुहार
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद मधु शर्मा ने उनसे भी इस मामले की जांच कराने का आग्रह किया था। उन्होंने भी इस मामले में हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया है। मधु शर्मा कहती हैं कि मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखे जाने के बाद उम्मीद जगी है कि सरकार Indian Politics की इस सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री को भी सुलझाने के लिए बड़ा कदम उठाएगी।