
कोटा. जेके लोन अस्पताल में एक महिला को दो दिन तक अस्पताल में भर्ती नहीं करने का मामला सामने आया है। रक्तस्त्राव से परेशान महिला मरीज अपने परिजनों के साथ दो दिन तक जेके लोन व एमबीएस के चक्कर काटती रही। बुधवार को मीडिया के दखल व जेके लोन सिक्यूरिटी इंचार्ज की पहल के बाद महिला मरीज को जेके लोन अस्पताल में भर्ती किया गया।
बूंदी जिले के कापरेन निवासी रेखा दो माह से गर्भवती थी। उसकी कुछ दिन पहले ही डीएनसी हुई थी। जब से महिला के खून बहने की शिकायत हो रही थी। 4 फरवरी को परिजन उसे जेके लोन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसकी पर्ची पर भर्ती करना लिखा।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक के भर्ती लिखने के बाद भी उसे अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। पहले उसे चिकित्सक के घर पर जाकर दिखाने को कहा। इस पर परेशान परिजन महिला को एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। एमबीएस के चिकित्सकों ने उसे वापस जेके लोन रैफर कर दिया और पर्ची पर भर्ती करने को लिखा। दो दिन तक महिला व परिजन इधर-उधर परेशान होते रहे।
बुधवार को मीडिया के दखल के बाद महिला मरीज को जेके लोन अस्पताल के सी वार्ड में भर्ती किया गया। उधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. एल.एल. मीणा ने बताया कि यह महिला डॉ. आरपी रावत की यूनिट में आई थी।
उन्होंने भर्ती के लिए लिखा था, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया तो हो सकता है कि अभी उसे लैबर पेन की दिक्कत नहीं हो। लेबर रूम में जिन महिलाओं को दर्द की ज्यादा शिकायत होती है तो तुरंत लेते हैं।