
कोटा. कोटा से 25 किमी दूर गोदल्याहेड़ी गांव में अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण नहीं हो पा रहा है। 16 बेड के इस अस्पताल के लिए 2014 में जमीन आवंटन नहीं होने के कारण 1 करोड़ 60 लाख रुपए लेप्स हो गए। उसके बाद जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से दोबारा 2018 में 1 करोड़ 85 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो गई, लेकिन दो साल बाद भी अस्पताल की जमीन के लिए सीमाज्ञान नहीं हो सका। ऐसे में एक बार फिर इस अस्पताल के लिए स्वीकृत करोड़ों की राशि लेप्स होने के कगार पर पहुंच गई।
दरअसल, राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत गोदल्याहेड़ी मुख्यालय पर 16 बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 1 करोड़ 85 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया है। जिला कलक्टर ने स्कूल की पीछे पांच बीघा जमीन का आवंटन किया गया, लेकिन उस पर अतिक्रमण हो रहा। पटवारी द्वारा इसका सीमाज्ञान करवाना था, लेकिन बीते दिनों पटवारी मधुसुदन मीणा को एसीबी ने रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद रेकॉर्ड जब्त हो गया। कोर्ट के माध्यम से रिकॉर्ड वापस उपलब्ध हो सका। उसके बाद ग्राम पंचायत में नई पटवारी आ गई, लेकिन उसके रुचि नहीं दिखाने के कारण जमीन का सीमाज्ञान नहीं हो पा रहा है। इस कारण अस्पताल का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।
10 हजार लोगों को मिलेगा लाभ
गोदल्याहेड़ी में उपस्वास्थ्य केन्द्र संचालित है, लेकिन इसके नया भवन बनने से यह क्रमोन्नत होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हो जाएगा। इससे गोदल्याहेड़ी, राजपुरा, किशनपुरा, अरनिया, मोरपा गांव के अलावा पोलाईकलां, भाण्डाहेड़ा, बरगूं, कुराड़ी गांव के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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इनका यह कहना
मैं कई दिनों से बीमार चल रही हूं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की जमीन के लिए सीमांज्ञान के लिए मुझे ज्ञापन मिला है। पटवारी कोरोना से संक्रमित है। कानूनगो हड़ताल पर चल रहे है। पटवारी के ठीक होते ही जल्द केन्द्र की जमीन के लिए सीमाज्ञान करवाया जाएगा।
- शिक्षा पवन, तहसीलदार लाडपुरा
केन्द्र की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। इस कारण सीमाज्ञान नहीं हो पा रहा है। जबकि केन्द्र निर्माण के लिए टेंडर हो चुके है, लेकिन जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक फर्म केन्द्र का निर्माण कार्य नहीं कर पाएगी।
- छुट्टनलाल, कनिष्ठ अभियंता, चिकित्सा विभाग