स्काउट-गाइड के सेवा भाव को बढ़ाने के लिए राजस्थान इकाई अब इसका विस्तार निजी स्कूलों में करने जा रही है।
राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड की राज्य परिषद का 67वां वार्षिक अधिवेशन कोटा के शॉपिंग सेंटर स्थित लाला लाजपतराय सभागार में आयोजित हुआ। जिसमें राजस्थान राज्य स्काउट एवं गाइड संगठन के स्टेट चीफ ने स्काउट गाइड को सरकारी स्कूलों से बाहर निकालने और निजी स्कूलों तक ले जाने की जरूरत जताई। इसके बाद राज्य इकाई इस प्रस्ताव पर अमल करने के लिए तेजी से जुट गई है।
अधिवेशन के मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री व प्रदेश स्काउट संगठन के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि एक स्काउट या गाइड चिकित्सा, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज सेवा में हमेशा आगे रहते हैं, यही संगठन की ताकत भी है। एेसे ही सेवा, समर्पण व त्याग के सार्थक प्रयासों से ही इसे आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान को लीडर स्टेट के रूप में बनाए रखने का आह्वान भी किया। उन्होंने राष्ट्रीय जम्बूरी में राजस्थान के गाइड को 20 में 18 पुरस्कार मिलने पर बधाई भी दी। साथ ही अधिवेशन के प्रतिवेदन में सदस्यों के दिए सुझावों को विचार विमर्श किया और भत्ता नियमों में बढ़ोत्तरी का आश्वासन दिया।
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स्काउट गाइड से निजी स्कूलों को जोड़े
संगठन के स्टेट चीफ कमिनश्र जे.सी. महंति ने कहा कि गाइड की कड़ी मेहनत से ही वह अपनी उपलब्धियों को अर्जित कर सका है। उन्होंने स्काउट गाइड निजी स्कूलों में अभियान चलाकर जोडऩे, स्काउट गाइड की गतिविधियों व सेवा कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन करने पर बीकानेर , अजमेर , कोटपुतली, सीकर, झुंझुनूं व उदयपुर मंडल के प्रतिनिधि को सम्मानित किया। अतिथियों ने नशा मुक्ति सहित कई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उपनिदेशक समाज कल्याण राकेश वर्मा, दिनेश शर्मा, यज्ञदत्त हाड़ा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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पिछली समीक्षा व आगामी रणनीति पर चर्चा
अधिवेशन में गत वर्ष की प्रगति पर चर्चा और आगामी वर्ष के लक्ष्यों व कार्यक्रमों पर विचार विमर्श कर रूपरेखा निर्धारित की गई। साथ ही आय व्यय का लेखाजोखा प्रस्तुत कर आगामी वर्ष के बजट पर भी बातचीत हुई। पिछले साल में किए गए कार्यों और उपलब्धियों का मूल्यांकन के आधार पर उच्च प्रदर्शन करने वाले मंडल एवं स्थानीय संघों को पुरस्कृत भी किया गया। इस वार्षिक अधिवेशन में राज्य परिषद के लगभग 200 से अधिक सदस्य भाग ले रहे हैं। ये सभी सदस्य प्रदेश के शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षाविद् है।