
बूंदी. बूंदी में सभा करने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आ रहे हैं, लेकिन यहां जिला संगठन का मुखिया यानी जिलाध्यक्ष ही नहीं हैं। कांग्रेस ने कोटा-बूंदी, भीलवाड़ा सीट पर कोई प्रत्याशी भी घोषित नहीं किया है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि राहुल किसके लिए वोट देने की अपील करेंगे।
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जहां तक बात बूंदी में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ बगावत करने के बाद सी.एल. प्रेमी को 25 नवम्बर 2018 को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। चार माह बाद भी कांग्रेस को नया जिलाध्यक्ष नहीं मिला। यहां पार्टी की अधिकतर बैठकों में जिलाध्यक्ष नहीं होने का मुद्दा छाया भी, लेकिन संगठन का प्रदेश नेतृत्व किसी के नाम पर सहमति नहीं बना पा रहा है। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा और लोकसभा चुनाव की तिथि करीब आने के साथ ही यह मुद्दा फिर से गर्मा गया है। जिलाध्यक्ष नहीं होने से कांग्रेस में रणनीति की जगह टांग खिंचाई चल रही है। सभी गुट अपनी ढफली अपना राग की तर्ज पर काम कर रहे हैं।
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विधायक ने कहा : कार्यकारी ही बना दो
तैयारी को लेकर रविवार को हुई बैठक में सांगोद विधायक भरत सिंह ने कहा कि बूंदी में पार्टी का जिलाध्यक्ष जल्द बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे कार्यकारी जिलाध्यक्ष ही बनाओ, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले जिलाध्यक्ष बनना चाहिए। इससे पहले शनिवार को हुई बैठक में भी पदाधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया था।
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ना प्रत्याशी तय ना चेहरा
राहुल की सभा होने को है और अभी तक ना तो कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशी तय नहीं किए हैं। बूंदी में सभा से कोटा-बूंदी और भीलवाडा सीटों पर लाभ हो सकता है। लेकिन सवाल यही कि राहुल मंच से किसके लिए वोट मांगेगे। कांग्रेस के लिए ही वे ऐसा कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस में तो अभी तक टिकट के लिए कोई नाम तक चर्चा में नहीं है। आए दिन नए नाम सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में भी यही हुआ था। राहुल जब रोड शो और दर्जन भर छोटी-बडी सभाएं करके कोटा से जा चुके थे। तब तक कहीं कांग्रेस के प्रत्याशी तक तय नहीं हुए थे।
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बूंदी जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर निर्णय चल रहा है, हालांकि जिलाध्यक्ष नहीं होने से पार्टी का कोई काम नहीं रुकेगा। जिलाध्यक्ष चयन पर जल्द निर्णय करेंगे।
तरुण कुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सह प्रभारी