
कोटा. कोविड-19 से लड़ रही राज्य सरकारें अब जरूरत पडऩे पर रेलवे से मदद ले सकती हैं। रेलवे इसके लिए तैयार है। रेल मंत्रालय ने अपने 5231 कोचों को कोविड देखभाल केंद्रों के रूप में रूपांतरित करने का काम पूरा कर लिया है। कोटा में इस तरह के 32 कोच तैयार किए गए हैं। अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप, राज्य सरकारें रेलवे को मांग पत्र भेजेंगी, उसके अनुसार इन कोचों का आवंटन होगा। रेलवे द्वारा आवंटन किए जाने के बाद, आइसोलेट रेलगाड़ी आवश्यक अवसंरचना के साथ अपेक्षित स्टेशन पर खड़ी कर दी जाएगी। जिला कलक्टर या उनके किसी प्राधिकृत व्यक्ति को सुपुर्द कर दिया जाएगी। आइसोलेट रेलगाड़ी जहां कहीं भी खड़ी होगी, जल, बिजली, अपेक्षित मरम्मत, कैटरिंग प्रबंधों एवं सुरक्षा का ध्यान भारतीय रेल द्वारा रखा जाएगा। इन कोचों का उपयोग वैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है जहां राज्य की सुविधाएं कमजोर हैं और कोविड के संदिग्ध तथा पुष्ट मामलों के आइसोलेशन के लिए क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।
कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जारी रखते हुए भारतीय रेल भारत सरकार के स्वास्थ्य देखभाल प्रयासों में सहायता देने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही है। भारतीय रेल ने अपने 5231 कोविड देखभाल केंद्र राज्यों को प्रदान कराने की तैयारी की है। जोनल रेलवे ने इन कोचों को क्वारेंटाइन सुविधा के लिए रूपांतरित कर दिया है।
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रेलवे ने कोविड-19 चुनौती का सामना करने के लिए 2500 से अधिक चिकित्सक और 35000 से अधिक अर्ध चिकित्सक कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। चिकित्सकों और अर्ध चिकित्सक कर्मचारियों की नियुक्ति विभिन्न जोनों द्वारा अस्थायी आधार पर की जा रही है। 17 समर्पित अस्पतालों में लगभग 5000 बेड एवं रेलवे अस्पतालों में 33 अस्पताल ब्लॉक की कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए पहचान की गई है जो किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहेंगे। वहीं कोटा मंडल रेल चिकित्सालय को कोविड समर्पित अस्पताल बनाया जा चुका है।