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रेलवे का मिशन “रफ्तार प्रोजेक्ट” कोटा मंडल में पहली बार में सफल

ट्रेनों की रफ्तार नहीं करनी पड़ेगी कम
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Jul 05, 2018
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कोटा. ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए शुरू की गई एकीकृत मेगा ब्लॉक योजना कोटा मंडल में पहली बार में सफल रही। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर भरतपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म 3 व 4 के बीच मौजूद पुराने दो मीटर चौड़े पुल के कारण गाडिय़ों की गति सीमा लगी हुई थी, इससे आवागमन सुगम रूप से नहीं हो पा रहा था। इस असुविधा को ध्यान में रखते हुए डीआरएम यू.सी. जोशी के निर्देश पर एकीकृत मेगा ब्लॉक लिया गया। यहां 3 और 4 प्लेटफॉर्म के बीच संकरे पुल 2 मीटर के स्थान पर 3.66 मीटर चौड़े पुल का लॉन्चिग कार्य किया गया, जिसमें 140 टन रेलवे क्रेन की सहायता से ब्रेक डाउन स्टाफ ने 4 घंटे में यह कार्य किया। कार्य पूरा होते की स्थाई रफ्तार प्रतिबंध हट जाएगा। इसके बाद कोटा की ओर से दिल्ली जाने और दिल्ली की ओर से कोटा आने वाली ट्रेनें उच्च रफ्तार से भरतपुर स्टेशन से गुजर सकेंगी। यहां राजधानी सहित अन्य ट्रेनें नहीं उठरती, उनकी भी रफ्तार कम करनी पड़ती थी। अभी तक इस सेक्शन में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा ट्रेनों को नहीं चलाया जा सकता, लेकिन प्रतिबंध हटने के बाद 100 से 120 प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चल सकेंगी। रेलवे के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न रेलखंडों में स्थाई रफ्तार प्रतिबंधों को हटाया जाना है।

Updated on:
05 Jul 2018 05:12 pm
Published on:
05 Jul 2018 03:07 pm