
फोटो-AI जेनरेटेड
Kota-Bundi Greenfield Airport Update: लंबे समय से चली आ रही कोटा की एयर कनेक्टिविटी की मांग अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। कोटा और बूंदी के बीच शंभूपुरा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों में तेजी आई है। अब यहां रन-वे आकार लेने लगा है, वहीं चारदीवारी का काम जोरों पर चल रहा है। एयरपोर्ट परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाले रन-वे और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर काम शुरू हो चुका है। लगभग 1,507 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को हाड़ौती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) की ओर से विकसित की जा रही इस परियोजना के लिए राजस्थान सरकार ने करीब 440 हेक्टेयर(लगभग 1,088 एकड़) भूमि उपलब्ध कराई है। एयरपोर्ट का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि भविष्य में बड़े विमानों का संचालन भी यहां से किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट का रनवे अक्टूबर 2027 तक विमान संचालन के लिए तैयार हो जाएगा, जबकि नियमित व्यावसायिक उड़ानें दिसंबर 2027 तक शुरू करने को फोकस कर काम किया जा रहा है।
एयरपोर्ट के एयरसाइड कार्यों में सबसे अहम रन-वे का निर्माण है। परियोजना के तहत 3,200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया जा रहा है। यह रनवे एयरबस ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन में सक्षम होगा। रनवे की लंबाई और डिजाइन को इस प्रकार तैयार किया गया है कि भविष्य में यात्री और कार्गो दोनों प्रकार की सेवाओं का विस्तार किया जा सके। रनवे निर्माण के लिए बड़े स्तर पर अर्थवर्क, भूमि समतलीकरण और ग्रेडिंग का काम किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी द्वारा मिट्टी भराव, सब-ग्रेड तैयार करने और रनवे की मजबूत नींव विकसित करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
रन-वे के अलावा एयरसाइड विकास कार्यों में दो लिंक टैक्सी-वे, सात विमान पार्किंग क्षमता वाला एप्रन और एक आइसोलेशन बे का निर्माण भी शामिल है। टैक्सी-वे रन-वे और एप्रन को जोड़ेंगे, जिससे विमान सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगे। वहीं एप्रन क्षेत्र में एक साथ सात विमानों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। एयरसाइड पैकेज में नेविगेशन एड्स, रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइटिंग, परिधि सड़क, सुरक्षा दीवार और अन्य विद्युत एवं सिविल कार्य भी शामिल हैं।
इन सुविधाओं के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट दिन और रात दोनों समय सुरक्षित विमान संचालन के लिए तैयार हो जाएगा। एयरसाइड कार्यों के लिए एएआइ ने इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन अनुबंध किया है। परियोजना के तहत रनवे, टैक्सी-वे और एप्रन निर्माण का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार एयरसाइड कार्यों के लिए चयनित एजेंसी को लगभग 18 माह की समयावधि दी गई है। 2027 के अंत तक कोटा-बूंदी एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों को शुरू करने की योजना है।
कोटा-बूंदी एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। एयरपोर्ट की अनुमानित वार्षिक यात्री क्षमता 20 लाख यात्रियों की होगी। टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर, फायर स्टेशन, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
एयरपोर्ट परियोजना केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं है। इसके आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की भी योजना है। शिलान्यास कार्यक्रम में यह संकेत दिया गया कि एयरपोर्ट के आसपास बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास की संभावनाएं हैं, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन की दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण साबित होगा। बूंदी के ऐतिहासिक किले, बावड़ियां और कोटा की चंबल रिवर फ्रंट जैसी परियोजनाएं देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। बेहतर हवाई संपर्क मिलने से पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर चारदीवारी और रन-वे का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा सिटी साइट का काम ने भी गति पकड़ ली है। 2027 में एयरपोर्ट का काम पूरा करने के लिए युद्धस्तर गति से काम चल रहा है।
सुनील प्रसाद, जीएम, (प्रोजेक्ट), कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
Updated on:
26 Jun 2026 07:12 am
Published on:
26 Jun 2026 06:55 am
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