
कोटा. विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों के प्रत्याशियों ने जीत का चेहरा देखने के लिए पैसा पानी की तरह बहा दिया। मतदान तक मतदाताओं के पीछे भागे। लेकिन अब मतगणना एजेंट बनाने के लिए राजनीतिक दल जोड़-तोड़ कर रहे हैं।
मतगणना में प्रत्याशी अपने ज्यादा समर्थकों को पहुंचाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। राजनीतिक दल इसके लिए निर्दलीयों से संपर्क कर रहे हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के एजेंट बनाकर मतगणना में भेजने के लिए उन्हें ऑफर भी दे रहे हैं। चर्चा यह भी है कि निर्दलीयों में कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने प्रतिद्वंद्वी के वोट काटने के लिए खड़े किए हैं। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के एजेंट को ही प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए विशेष पास बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोटा जिले में रामगंजमंडी विधानसभा को छोड़कर सभी सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।