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Rajasthan Budget: अस्पताल, फ्लाईओवर, अंडरब्रिज से लेकर मिनी सचिवालय तक, कोटा में राजस्थान बजट की घोषणाओं की जानें ग्राऊंड रिपोर्ट

Kota News: पिछले 2 राज्य बजट में कोटा को कई बड़ी सौगातें देने की घोषणा की गई, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। अस्पताल, फ्लाईओवर और मिनी सचिवालय जैसे कई अहम प्रोजेक्ट अब भी फाइलों में उलझे हैं।

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Feb 10, 2026
फोटो: पत्रिका

Rajasthan Budget Announcements Ground Report: राजस्थान सरकार ने पिछले दो बजट में कोटा जिले में घोषणाओं का अम्बार लगा दिया, लेकिन ज्यादातर बजट घोषणाएं अब भी फाइलों में ही दौड़ रही है। बजट घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर पत्रिका ने पड़ताल की तो सामने आया कि कई बजट घोषणाओं को लेकर अभी तक अफसर केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। कई घोषणाओं का काम शुरू हो गया, जिससे आने वाले दिनों में जनता को बड़ी राहत मिलने वाले हैं।

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पेश है बजट घोषणाओं की ग्राउंड रिपोर्ट

दो साल बाद भी अस्पताल का इंतजारलाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में 300 बेड का बड़ा अस्पताल खोलने की पहले बजट में घोषणा की गई थी। दो साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी अस्पताल का प्रोजेक्ट केवल कागजों में ही दौड़ रहा है। इसके लिए दसलाना में जमीन चिह्नित की गई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

उच्च स्तर पर दसलाना में सेटेलाइट अस्पताल की उपयोगिता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। इस कारण अब अधिकारी इस प्रोजेक्ट को हाथ लगाने से भी पीछे हट रहे हैं। इस अस्पताल के लिए 25.55 करोड रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इससे लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र की पांच से छह लाख की आबादी लाभान्वित होगी। एमबीएस और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों का भार कम होगा। इटावा और रामगंजमंडी में भी उप जिला अस्पताल का काम शुरू नहीं हो पाया है।

बजट घोषणाएं और हकीकत

रायपुरा चौराहे पर फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की थी, इसका काम फिलहाल शुरू नहीं हो पाया है। डीपीआर के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। केडीए के इंजीनियरिंग विंग के आला अधिकारी इस फ्लाईओवर की उपयोगिता नहीं मान रहे हैं जबकि यहां पल-पल में जाम की सि्थति रहती है।

मिनी सचिवालय के प्रोजेक्ट को भी इंतजार

कोटा में मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए पहले जेल को शिफ्ट कर वहां मिनी सचिवालय बनाने के लिए जमीन चिह्तिन की गई थी, बाद में योजना में बदलाव किया गया है और मौजदा न्यायालय के लिए नई जगह चिह्तिन कर ली है। वहां न्याय भवन बनाया जाना है। कलक्ट्री और मौजूदा न्यायालय की जमीन पर मिनी सचिवालय बनाया जाना प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने में फिलहाल वक्त लगेगा।

जेल भी नहीं हो पाई शिफ्ट

बजट में केन्द्रीय कारागार को शंभूपुरा में शिफ्ट किया जाना था, इसके लिए जमीन चिह्तिन हो गई थी। पिछले दिनाें उच्च स्तरीय बैठक में जेल को बंधा धर्मपुरा क्षेत्र में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। इस कारण इस प्रोजेक्ट भी फिलहाल देर लगेगी।

इन प्रोजेक्ट को भी इंतजार

  • कोटा में नशामुक्ति केंद्र खोलने की घोषणा हुई थी, लेकिन यह मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सीएमएचओ के बीच खींचतान की भेंट चढ़ गया। आज तक केंद्र नहीं खुल सका।
  • ई-वेस्ट आधारित उद्योगों के लिए टॉय पार्क खुलना था, फिलहाल केवल जमीन मिली।
  • अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के दूसरे चरण के लिए 20 करोड़ का बजट लंबित।
  • चंबल नहरों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू नहीं।
  • मंडाना में केटल फीड प्लांट के लिए 70 करोड़ का बजट।
  • स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य शुरू नहीं।

यह काम शुरू हो गए

  • एनएच 52 पर कोटा-झालावाड़ मार्ग पर दरा घाटी में रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) के लिए 15 करोड़ का बजट दिया था। इसमें केंद्र सरकार ने करीब 9 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत दे दी है। आरयूबी का काम शुरू हो गया है। अगले कार्य कुछ दिन बाद पूरा हो जाएगा। इससे राजस्थान और मध्यप्रदेश के यात्रियों की राह आसान होगी।
  • राज्य बजट में कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी, इसमें राज्य और केन्द्र सरकार के सहयोग से काम शुरू हो गया है। बजट केन्द्र सरकार दे रही है। निशुल्क जमीन राज्य सरकार ने उपलब्ध करवाई है।
  • मंडाना में 1.70 करोड़ से ट्रॉमा सेंटर का कार्य शुरू हो गया है। क्षेत्र में यह पहला ट्रोमा सेन्टर है।
  • मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट शुरू और कॉटेज वार्ड का काम शुरू।
  • साइंस सेंटर में इनोवेशन हब अंतिम चरण में।

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