
Rajasthan News : राजस्थान के कोटा में पूर्ववर्ती सरकार के वक्त बनाए गए दो नगर निगमों की जगह भाजपा सरकार में एक ही निगम करने की चर्चाओं ने फिर से जोर पकड़ लिया है। कोटा में चर्चा है कि अगले साल होने वाले निगम चुनाव से पहले एक ही निगम हो सकता है। इस बीच भाजपा के कोटा दक्षिण और लाडपुरा विधायक ने मुख्यमंत्री और यूडीएच मंत्री को पत्र लिखकर दो निगम को अव्यावहारिक बताते हुए एक ही निगम करने की मांग उठाई है।
राज्य सरकार ने हाल ही जिन निकायों में चुनाव होने वाले हैं, वहां वार्डों के नए सिरे से परिसीमन करने के आदेश जारी किए हैं, इसमें कोटा जिले की सुल्तानपुर और सुकेत पालिका शामिल है। इसके अलावा बारां जिले की अटरू, सीसवाली, केलवाड़ा तथा बूंदी जिले की देई और हिण्डौली नगर पालिका में नए सिरे से वार्डों का परिसीमन होगा।
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कोटा में दोनों नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। कोटा दक्षिण निगम में 80 तथा कोटा उत्तर में 70 वार्ड हैं। कोटा भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन दो निगम होने पर दोनों ही निगम में कांग्रेस के महापौर बने। हालांकि दक्षिण महापौर ने लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा का दामन थाम लिया। ऐसे में महापौर तो भाजपा के हो गए, लेकिन बोर्ड अब भी कांग्रेस का ही है। निगम ने डीएलबी से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा था, लेकिन अभी तक सरकार के स्तर पर ही लबित चल रहा है। कांग्रेस पार्षदों ने इस बारे में महापौर से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा भी मांगा है।
राजनीति से जुड़े लोगों का कहना है कि भाजपा के नेता एक निगम के पक्ष में हैं। सरकार तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। ऐसे में एक निगम हो सकता है, लेकिन कार्यकर्ताओं को पार्षद के रूप में एडजेस्ट करने के लिए डेढ़ सौ वार्डो की संख्या रखी जा सकती है। अधिक वार्ड होने पर जनता की पार्षदों तक पहुंच आसान रहेगी।
विधायक कोटा दक्षिण संदीप शर्मा का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए दो निगम बनाए थे। दो निगम होने से जनता के काम अटक गए, जनता परेशान है। सरकार को कोटा में एक निगम करने के लिए पत्र लिखकर अपनी भावना से अवगत करवा दिया है। जनहित में एक निगम होना चाहिए।
विधायक लाडपुरा कल्पना देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री से 2 नगर निगम कोटा उत्तर एवं कोटा दक्षिण के स्थान पर एक निगम व एक महापौर की मांग की है। दो निगम होने के बावजूद शहर में कोई विकास नहीं हो पा रहा। एक निगम करने से प्रशासनिक कुशलता बढ़ेगी और सेवाओं का प्रभावी प्रबंधन होगा। सीएम ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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