कोटा

गांधीगिरी पर उतरे चिकित्सक, राज्यव्यापी असहयोग आंदोलन किया शुरू

स्वास्थ्य प्रबंधन सुधार व 33 सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने गांधी जयंती पर राज्यव्यापी असहयोग आंदोलन शुरू किया।
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Updated: 2 Oct 2017, 6:41 PM IST
Rajasthan State Doctors Protest
स्वास्थ्य प्रबंधन सुधार व 33 सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने गांधी जयंती पर राज्यव्यापी असहयोग आंदोलन शुरू किया।

कोटा . राज्य में स्वास्थ्य प्रबंधन सुधार व 33 सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने गांधी जयंती पर राज्यव्यापी असहयोग आंदोलन की शुरुआत की। चिकित्सक गांधीगिरी व सत्याग्रह के मार्ग पर चल पड़े। सोमवार को सेवारत चिकित्सकों ने दांडी यात्रा निकाली और आईएमए चिकित्सकों ने उपवास किया। उसके बाद जनप्रतिनिधियों को सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए ज्ञापन दिया।


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इससे पहले अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के बैनर तले नयापुरा आईएमए हॉल से सूचना केन्द्र तक चिकित्सकों ने दांडी यात्रा निकाली। इसमें डॉ. दुर्गाशंकर सैनी महात्मा गांधी के वेश में सबसे आगे चले, उसने पीछे चिकित्सक शामिल रहे। सूचना केन्द्र के बाहर विधायक प्रहलाद गुंजल को ज्ञापन दिया। उसके बाद चिकित्सक खेड़ली फाटक पहुंचे। यहां सांसद ओम बिरला व विधायक संदीप शर्मा को सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए ज्ञापन सौंपा।


सरकारी कार्यों का बहिष्कार रहेगा
इससे पहले डॉ. सैनी ने बताया कि असहयोग आंदोलन में प्रदेश के 10 हजार सेवारत चिकित्सक शामिल हैं। इस दौरान मौसमी बीमारियों को देखते हुए सिर्फ मरीजों को देखा जाएगा, बाबूगिरी बंद रहेगी। सभी सरकारी कार्यों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार रहेगा। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, बैठकें, ट्रेनिंग, रिपोर्टिंग, कैम्प, परिवार कल्याण कार्यक्रम शिविर का बहिष्कार रहेगा। दिव्यांग शिविर को बहिष्कार से मुक्त रखा गया।

एकत्र हो दिखाई ताकत

आईएमए के चिकित्सकों ने भी उपवास रखा। नयापुरा स्थित आईएमए हॉल में चिकित्सक उपस्थित हुए। आठ सौ चिकित्सकों ने उपवास रखा।

आगे यह रहेगा
संघ की ओर से 16 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने होंगे। 19 अक्टूबर को काली दिवाली मनाई जाएगी।

ये हैं मांगें

- एक पारी में चिकित्सालय संचालन।
- नियमानुसार डीएसीपी स्कीम में आर्थिक लाभ तय समय पर दिया जाए।

- चिकित्सालयों में चिकित्सक आवास व अन्य चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
- पृथक चिकित्सक कैडर की स्थापना।

- ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों को 10, 20 व 30 का लाभ दिया जाए।
- राज्य के सभी चिकित्सालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।

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2 Oct 2017, 6:41 PM IST
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