दिन मेंं जले अलाव, नए कोटा का पारा 8.8 व स्टेशन का पारा 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा
नए साल की शुरुआत के साथ ही कोटा शहर में मौसम ने तीखा हमला बोला है। पहले दिन मावठ गिरने के बाद दूसरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। तीसरे दिन शनिवार को सुबह से ही घना कोहरा और बादलों का असर बना रहा। शहर बादल व कोहरे की चादर में लिपटा रहा। विजिबिलिटी घटकर मात्र 200 से 300 मीटर रह गई।
कोहरे और बादलों के चलते पिछले दो दिनों तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। दोपहर करीब एक बजे बाद धूप खिली, जिससे कुछ राहत मिली, लेकिन बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। ठंडी हवा शूल की तरह चुभती रही। कोहरे के कारण मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह-शाम लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे।
बर्फीली हवा के कारण दिन के समय घरों व बाजारों में लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन करते दिखे। चाय व कचोरी की दुकानों पर भीड़ लगी रही।
पहली बार पारा 20 से नीचे
मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नजर आया। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इस साल पहली बार अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। स्टेशन क्षेत्र में मौसम शाला में अधिकतम तापमान 19.5 व न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अब शीतलहर बढ़ाएगी सर्दी
मौसम विभाग ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान राज्य के कुछ भागों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। आगामी दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही राज्य के उत्तरी जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया जा सकता है। कुछ स्थानों पर शीत दिन की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने घने कोहरे और बढ़ती ठंड को देखते लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।