Delhi-Mumbai Expressway: मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में दरा में करीब 1,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही यह सुरंग कुल 3.3 किमी लंबी है। सुरंग के दोनों और 1.6 किमी का हिस्सा वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कवर किया जाएगा।
Kota News: दिल्ली-मुम्बई एट लेन एक्सप्रेस-वे पर दरा में बनाई जा रही 3.3 किमी लंबी और 38 मीटर चौड़ी सुरंग अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित और बेहद मजबूत होगी। सुरंग में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो सुरंग के दोनों ओर बनाए गए कंट्रोल रूम में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लेस सर्विलांस सिस्टम से जुड़े होंगे। इसके अलावा टनल की सुरक्षा स्काडा कंट्रोल सिस्टम से की जाएगी। यह सिस्टम वाहनों की गति सीमा समेत अन्य गतिविधियों की निगरानी करेगा।
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में दरा में करीब 1,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही यह सुरंग कुल 3.3 किमी लंबी है। सुरंग के दोनों और 1.6 किमी का हिस्सा वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कवर किया जाएगा। ऐसे में सुरंग की लंबाई 4.9 किमी हो जाएगी।
एटलेन सुरंग की दो अलग-अलग हिस्सों में समानान्तर खुदाई की जा रही है, जो अंतिम चरण में है। जून माह तक खुदाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शेष सात माह में दिसम्बर 2025 तक इसमें अन्य निर्माण कार्य कर इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। आवश्यक अनुमति मिलने के बाद इसे जनवरी 2026 तक शुरू करने की योजना है।
निर्माण कंपनी दिल्ली बिल्डकॉन लिमिटेड के जनरल मैनेजर संजय कुमार राठौड़ ने बताया कि सुरंग में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। ऐसे में इसे 12 स्थानों पर इमरजेंसी बनाकर जोड़ा गया है। ऐसे में दुर्घटना समेत आपात स्थिति में यहां से आसानी से निकला जा सकेगा। सुरंग के काफी लंबी होने के कारण में इसमें वेंटिलेशन की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
इसमें जहरीली गैसों की पहचान के लिए अत्याधुनिक पॉल्यूशन डिटेक्टर सेंसर लगाए जाएंगे। जो टनल में नाइट्रोजन, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर जैसी खतरनाक गैसों पर पूरी निगरानी तो रखेंगे ही साथ ही इन्हें बाहर निकालने के लिए विश्व स्तरीय ऑटोमैटिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। टनल में पर्याप्त ऑक्सीजोन की मौजूदगी के लिए 104 जेट फैन लगाए जाएंगे।
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वाहन चालकों को अंधेरे और रोशनी में अचानक बदलाव से बचाने के लिए टनल के दोनों और बड़ी और बीच में छोटी लाइटें लगाई जाएंगी। ऐसे में तेज गति से वाहन निकलने पर उसे समान रोशनी मिलेगी। इसके साथ फायर सेफ्टी के ऑटोमैटिक उपकरण भी टनल में स्थापित किए जाएंगे। यात्रियों को मोबाइल व नेट की पूरी कनेक्टिविटी देने के लिए वाई-फाई और एफएम के लिए की सुविधा भी टनल के भीतर आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।