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कोटा में भानूप्रताप गैंग को लीड कर रहा था रणवीर, गैंगस्टर रमेश जोशी पर बरसाई थी अंधाधुन 40 गोलियां

Ranveer Chaudhary murder case: रणवीर चौधरी की नृशंस हत्या के साथ हाड़ौती में गैंगवार फिर से सुर्खियों में आ गई। चौधरी कोटा में भानू गैंग को लीड कर रहा था।
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Updated: 23 Dec 2019, 1:33 PM IST
Ranveer murder case
कोटा में भानू प्रताप गैंग को लीड कर रहा था रणवीर, गैंगस्टर रमेश जोशी पर बरसाई थी अंधाधुन 40 गोलियां

कोटा. रणवीर चौधरी की नृशंस हत्या ( Ranveer Chaudhary murder case ) के साथ हाड़ौती में गैंगवॉर फिर से सुर्खियों में आ गई। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर भानू प्रताप के बाद उसकी गैंग कोटा में रणवीर लीड कर रहा था। हालांकि इससे पहले नामी बदमाशों ने भानू की विरासत को संभाला था लेकिन वर्तमान में कोटा में इस गैंग की कमान रणवीर के हाथों में थी। वह भी शॉर्प शूटर था। उसके अचूक निशाने से शिवराज गैंग के गुर्गे भी खौफ खाते थे। कुछ दिनों पहले शिवराज गैंग के लोगों और रणवीर चौधरी के बीच कोर्ट में मारपीट भी हुई थी। शिवराज गैंग के दुशमनों की लिस्ट में सबसे पहला नाम रणवीर का था। इस हत्याकांड को गैंगवार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह ही रणवीर चौधरी के जन्मदिन के दौरान उसकी कुछ लोगों से हाथापाई हुई थी।

हाड़ौती में पांच गैंग्स सक्रिय

हाड़ौती में वर्तमान में पांच बड़ी गैंग सक्रिय हैं। इसमें झालावाड़ में सर्वाधिक तीन गैंग्स हैं जिसमें भानूप्रताप, राजू जोशी और अमित जैन गैंग और कोटा की शिवराज सिंह गैंग व रामगंजमंडी क्षेत्र की नवनीत शर्मा गैंग शामिल हैं। हालांकि वर्ष 2009 में भानू की हत्या हो गई लेकिन उसके गुर्गे अब भी उसी के नाम से गैंग चला रहे हैं। गैंगवार के बाद पुलिस ने एक बार फिर गैंगों के गुर्गों व सरगनाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि पूर्व में गैंग के अधिकांश सदस्य जेल में होने के कारण आपसी गैंगवार थम सी गई थी लेकिन यह सब कुछ चौधरी की हत्या के बाद फिर शुरू हो गया है। जिसने यह साबित कर दिया कि हाड़ौती में गैंगवार खत्म नहीं हुई केवल परिस्थितियों के चलते थम सी गई थी। गैंगवार शुरू होने से गैंग्स का फिर से खौफ जाग उठा है।

रणवीर चौधरी से शिवराज गैंग के गुर्गे खासे डरते थे। जिसकी वजह थी उसकी निर्ममता। नवनीत शर्मा गैंग ने रमेश जोशी गैंग के सफाए की सुपारी रणवीर चौधरी को ही दी थी। जोशी गैंग के खात्मे के लिए उसने हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर राजू उर्फ आरिफ, जोगेंद्र सिंह, शानी और अमित नावरिया को नवनीत शर्मा गैंग में जोड़ लिया। 25 अप्रैल 2011 को जब रमेश जोशी अपने सालेड़ा कला स्थित फार्म हाउस पर जा रहा था तब उसने पूरे गैंग के साथ मिलकर चेचट में उसकी हत्या कर डाली। जोशी कहीं बच न जाए इसीलिए उस पर एक दो नहीं बल्कि पूरे 40 राउंड फायर किए गए थे।

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23 Dec 2019, 1:33 PM IST
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