कोटा

विजयादशमी सिद्धि दायक,शुभ काम शुरू करें और मुँह में दबा लें एक तो पान का बीड़ा,सारे काम होंगे पूर्ण

Vijayadashami आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि विजयादशमी के नाम से प्रसिद्द है।
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Updated: 7 Oct 2019, 6:12 PM IST
विजयादशमी सिद्धि दायक,शुभ काम शुरू करें और मुँह में दबा लें एक तो पान का बीड़ा,सारे काम होंगे पूर्ण
विजयादशमी सिद्धि दायक,शुभ काम शुरू करें और मुँह में दबा लें एक तो पान का बीड़ा,सारे काम होंगे पूर्ण

कोटा. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि विजयादशमी के नाम से प्रसिद्द है। जो मंगलवार को शुभ सयोंग लेकर आ रही है। विजयादशमी अभिमान,अत्याचार एवं बुराई पर सत्य,धर्म और अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्री राम ने रावण और देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध करके धर्म और सत्य की रक्षा की थी।

इस दिन भगवान श्री राम, देवी भगवती, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और हनुमान जी की आराधना करके सभी के लिए मंगल की कामना की जाती है। ज्योतिषाचार्य.0 अमित जैन ने बताया कि विजयादशमी सर्वसिद्धिदायक है इसलिए इस दिन सभी प्रकार के मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन जो कार्य शुरू किया जाता है उसमें सफलता अवश्य मिलती है।

इस दिन बच्चों का अक्षर लेखन, दुकान या घर का निर्माण, गृह प्रवेश, मुंडन, अन्न प्राशन, नामकरण, कारण छेदन, यज्ञोपवीत संस्कार आदि शुभ कार्य किए जा सकते हैं। परन्तु विजयादशमी के दिन विवाह संस्कार निषेध माना गया है । क्षत्रिय अस्त्र-शास्त्र का पूजन भी विजयादशमी के दिन ही करते हैं।

आरोग्य देता है पान
ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि विजयादशमी पर पान खाने, खिलाने तथा हनुमानजी पर पान अर्पित करके उनका आशीर्वाद लेने का महत्त्व है। पान मान-सम्मान, प्रेम एवं विजय का प्रतीक माना जाता है। इसलिए विजयादशमी के दिन रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद दहन के पश्चात पान का बीड़ा खाना सत्य की जीत की ख़ुशी को व्यक्त करता है।

वहीं शारदीय नवरात्रि के बाद मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए स्वास्थ्य की दृष्टि से भी पान का सेवन पाचन क्रिया को मज़बूत कर संक्रामक रोगों से बचाता है।

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7 Oct 2019, 6:12 PM IST
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