
कोटा . कई महीनों की मशक्कत के बाद आखिर शनिवार रात रविन्द्र त्यागी को कोटा शहर कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। त्यागी दो बार में करीब पांच साल नगर विकास न्यास के अध्यक्ष रहे हैं, उन्हें पूर्व मंत्री शांति धारीवाल का करीबी माना जाता है। निर्वतनमान अध्यक्ष गोविंद शर्मा भी उन्हीं के खेमे से थे।
कांग्रेस ने फिर से ब्राह्मण नेता पर दांव लगाया है। शहर की कोटा दक्षिण विधानसभा सीट ब्राह्मण बहुल है। त्यागी कई महीनों से अपने समुदाय में सक्रिय भी थे। कोटा दक्षिण में ही कांग्रेस हमेशा से कमजोर भी रही है। इससे ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने का प्रयास माना जा रहा है। इससे पहले त्यागी करीब साढ़े पांच साल तक युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें कांग्रेस शासन में दो बार न्यास अध्यक्ष बनने का मौका मिला।
अध्यक्ष बनने के बाद त्यागी ने पत्रिका से बातचीत में कहा, चुनाव से ठीक पहले पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदार दी है। इसलिए वे भाजपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार को खोलने के लिए लिए वे जन आंदोलन खड़ा करेंगे। पार्टी ने जो विश्वास उनमें जताया है, वे अपनी निष्ठा से पार्टी हित में कार्य करके खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
अध्यक्ष पद पर घोषणा होने के बाद ही त्यागी के घर पर कार्यकर्ता एकत्र हुए और जश्न मनाया।पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकिशन वर्मा की पार्टी में सक्रियता समाप्त होने के बाद से शहर में कांग्रेस पर बरसों से एक ही गुट हावी रहा है। दूसरे नेता महज उपस्थिति ही दर्ज कराते रहे हैं।