
कोटा. नगर विकास न्यास (यूआईटी) और नगर निगम शहर के प्रमुख बाजारों को जाम से निजात नहीं दिला सके। रोज-रोज होने वाली परेशानी से आजिज आकर सेवानिवृत अभियंताओं की संस्था प्रयास ने इसका तोड़ निकाला। एक पखवाड़े तक बाजारों का फिजिकल सर्वे कर उन्होंने पार्र्किंग के लिए कई जगह खोजी हैं। संस्था ने निकायों के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
प्रदेश के तीसरे बड़े शहर के करीब 12 लाख लोग रोजाना सुबह से शाम तक जाम से जूझते हैं। ठेले और फेरी वालों को सड़कों पर ही जगह अलॉट करने से हालात और खराब हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार की अभियांत्रिकी सेवाओं से सेवानिवृत्त अभियंताओं से जब ये हालात नहीं देखे गए तो उन्होंने एक पखवाड़े तक प्रमुख बाजारों का फिजिकल सर्वे किया। सर्वे के नतीजों में उन्होंने माना कि ठेले और फेरी वालों को सड़क से हटा कर फुटपाथ पर जगह देने और नौ जगह पार्र्किंग बनाने से समस्या से मुक्ति पाई जा सकती है।
धीरेंद्र माथुर, सेनि. पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियरका कहना है की शहर में नौ बाजार और प्रमुख रोड ऐसे हैं जहां पार्र्किंग की तत्काल जरूरत है। यहां पर जगह भी मौजूद है। बस जरूरत है कि यूआईटी और नगर निगम फैसला लें। संस्था अपनी सर्वे रिपोर्ट यूआईटी और नगर निगम के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी सौंप चुकी है।
ये जगह की चिन्हित
गुमानपुरा से कोटड़ी : माणक भवन से कांग्रेस कार्यालय के बीच
गुमानपुरा से फर्नीचर मार्केट : मल्टीपरपज स्कूल या सरकारी क्वार्टर के सामने
शॉपिंग सेंटर : लाला लाजपत राय भवन के पीछे
इंद्रागांधी सर्किल से घोड़े वाले चौराहे तक : मल्टीपरपज स्कूल के पिछले हिस्से में
न्यू क्लॉथ मार्केट, जीएमए प्लाजा, न्यू सर्राफा मार्केट,
पुरानी सब्जीमंडी और गीता भवन रोड : न्यू सराफा मार्केट के पीछे सभा भवन नंबर 108 के पास
लाड़पुरा-आर्यसमाज रोड : आर्य समाज रोड पर नजूल बिल्डिंग और रवि रेडियोज के सामने
कलक्ट्रेट और न्यायालय : आईजी ऑफिस के पीछे, एमबीएस परिसर और न्यायालय क्षेत्र में
भीमगंजमंडी थाने से रेलवे स्टेशन : रेलवे स्टेशन पर या प्रशासनिक निर्णयानुसार
कैथूनीपोल से टिपटा : प्रशासनिक कमेटी के निर्णयानुसार