कोटा

थमे रहे रोडवेज बसों के पहिए, भटके यात्री

रोडवेजकर्मियों की हड़ताल, यात्रियों को लौटना पड़ा निराश,
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Sep 17, 2018
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कोटा. राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठन संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को जारी रही। बसें नहीं चलने से अकेले कोटा डिपो को करीब 10 लाख रुपए के राजस्व से हाथ धोना पड़ा। यात्री निजी बसों व अन्य साधनों के सहारे रहे। कई लोगों को हड़ताल का पता नहीं था, वे बस स्टैण्ड पहुंच गए। इंतजार के बाद पूछताछ की तो वापस लौटे। नयापुरा व नए बस स्टैण्ड पर रविवार रात व सोमवार को सुबह के वक्त बड़ी संख्या में यात्री जमा थे। नए बस स्टैंड पर यात्री प्रीति वर्मा भोपाल जाने के लिए बस आने के इंतजार में थी। उन्हें पता नहीं था कि हड़ताल है, इसके चलते टिकट भी खरीद लिया। सोमवार सुबह घांसीलाल करवर जाने के लिए आए। बस के आने का 3 घंटे इंतजार करने के बाद वे लौटे।

इधर संयुक्त मोर्चा के संभागीय सचिव राजू लाल सिंधी ने बताया कि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो हड़ताल को जारी रखेंगे, वहीं रोडवेज के मुख्य प्रबंधक जावेद अली हाशमी ने बताया कि कोटा डिपो में 110 बसें संचालित हैं और 102 शेड्यूल हैं। इनसे प्रतिदिन 10 लाख का राजस्व प्राप्त होता है।

मांगें नहीं मानी तो जारी रखेंगे

संभागीय सचिव राजू लाल सिंधी, अध्यक्ष राधेमोहन ने बताया कि अप्रेल 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को सरकार ने भुगतान नहीं किया है। 27 जुलाई को हुए समझौते में सरकार ने 150 करोड़ रुपए देने का वादा किया था लेकिन 50 करोड़ ही दिए। वर्षों से कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई, बसें नहीं खरीदी गई। कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ भी नहीं दिया गया। मांगें नहीं मानी तो हड़ताल जारी रहेगी।

कोटा डिपो

109 बसें हैं

102 फेरे करती हैं रोज

10 लाख रुपए औसत दैनिक राजस्व

350 कर्मचारी

Updated on:
17 Sept 2018 07:55 pm
Published on:
17 Sept 2018 07:55 pm