नयापुरा थाने से महज 60 मीटर दूर मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा में चार हथियारबंद लुटेरों ने मात्र 3 मिनट में ही 27 किलो सोना लूट लिया।
नयापुरा थाने से महज 60 मीटर दूर मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की शाखा में चार हथियारबंद लुटेरों ने मात्र 3 मिनट में ही 27 किलो सोना लूट लिया। जबकि वारदात की सूचना पर पुलिस को मौके पर पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए। हैरत की बात है, कम्पनी के मैन गेट पर न तो सुरक्षागार्ड था और न ही समय पर खतरे का सायरन बजाया गया।
जितनी आसानी से डकैतों ने वारदात को अंजाम दिया उससे डकैती मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है। साथ ही लुटेरे अपने कई सवाल छोड़ गए। जिनमें कम समय में लूट, बदमाशों के भागने के बाद कर्मचारियों द्वारा सायरन बजानाा, कितना सोना कम्पनी में है इसकी पूरी जानकारी होना सहित कई अहम सवाल है, जिसका जवाब पुलिस तलाश रही है।
पुलिस के मन में उठे अहम सवाल
जिस तरह से इतने कम समय में लूट की वारदात को अंजाम देकर बदमाश आसानी से भाग गए और कर्मचारियों ने सायरन भी बदमाशों के भागने के बाद बजाया। वारदात के वक्त कम्पनी में पूरी क्षमता का सोना रखा हुआ था। साथ ही बदमाशों ने जिस तरह से आकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। कर्मचारियों व ग्राहकों को धमकाया। पुलिस हर एंगल से वारदात की जांच कर रही है। बदमाशों की बोली व सीसीटीटी कैमरे में कैद हुलिए के आधार पर भी तलाश कर रही है।
कोटा में हैं 4 ब्रांच
कम्पनी के एरिया मैनेजर अमित जैन ने बताया कि कोटा में कम्पनी की 4 ब्रांच भीमगंजमंडी, नयापुरा, गुमानपुरा व केशवपुरा हैं। कम्पनी ग्राहकों को सोने के बदले लोन देती है। नयापुरा ब्रांच में करीब 28 किलो सोना रहता है। सोमवार को कितना था इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कम्पनी में पहले गनमैन रहते थे, लेकिन कुछ समय से सुरक्षा गार्ड रखे हैं। वारदात के समय गार्ड था या नहीं? इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
लूट का पता चलते ही पहुंचने लगे
कम्पनी में सोना लूट की वारदात की सूचना जैसे ही लोगों को लगी। एक-एक कर उनका पहुंचना शुरू हो गया। हर कोई आकर जानकारी लेने लगा। सभी को अपने जमा सोने की चिंता सता रही थी।
मिली भगत का अंदेशा
प्रबंधन को ये भलीभांति मालूम है कि कार्यालय में काफी मूल्यवान आभूषण रखे हैं, लेकिन फिर भी 15 दिन पहले गनमैन हटा दिया गया। सामान्य सुरक्षा गार्ड भी पांच दिन पहले ही तैनात किया है। जबकि कार्यालय के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाकर ग्राहकों को होने वाली परेशानी के लिए माफी मांगी गई है।