कोटा. राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) ने पढ़ाई और परीक्षा का पूरा प्रारूप बदल दिया है। इसी शैक्षणिक सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू कर आठ सत्र के पूरे पाठ्यक्रम को नौ हिस्सों में बांट कर पढ़ाई और परीक्षा आयोजित की जाएगी। गुरुवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस बदलाव को मंजूरी दी गई।
एआईसीटीई के मॉडल करिकुलम के मुताबिक आरटीयू ने अपना पाठ्यक्रम बदला है। नए बदलावों के मुताबिक बीटेक परीक्षा में अंक के बजाय अब क्रेडिट दिए जाएंगे। पूरा पाठ्यक्रम 166 क्रेडिट में बंटा होगा। जो छात्र लेटरल एंट्री के जरिए तीसरे सत्र में सीधे दाखिला लेंगे, उनके लिए पाठ्यक्रम 125 क्रेडिट का होगा। पहले और दूसरे सेमेस्टर का पाठ्यक्रम सभी छात्रों के लिए समान होगा। जबकि तीसरे से छठे सेमेस्टर तक थ्योरी के 5 से 8 प्रश्रपत्र और 3 से 5 प्रेक्टिकल का विभागवार अलग-अलग पाठ्यक्रम रखा गया है। सातवें और आठवें सेमेस्टर में भी विभाग अपने हिसाब से वेरिएशन रख सकते हैं।
बैठक में कुलपति प्रो. एनपी कौशिक, प्रो कुलपति प्रो. राजीव गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके द्विवेदी, डीन एकेडमिक्स प्रो. विवेक पांडेय, डीन फेकल्टी इंजीनियरिंग डॉ. अनिल माथुर, डीन फेकल्टी मैनेजमेंट डॉ. एसके व्यास, डीन फेकल्टी एमसीए एनपी जोशी और पाठ्यक्रम समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
हर साल होगी ट्रेनिंग
अभी तीसरे वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने बाद छात्रों को दो महीने की ट्रेनिंग करनी होती थी, लेकिन अब हर साल छात्रों को ट्रेनिंग के लिए जाना होगा। पहले साल की परीक्षा के बाद 15 दिन, दूसरे साल के बाद 45 और तीसरे साल के बाद 45 दिन की ट्रेनिंग करनी होगी।
प्रश्रपत्र का स्वरूप बदला
आरटीयू ने परीक्षा का स्वरूप भी बदल दिया है। जिन विषयों की पढ़ाई सप्ताह में एक घंटे कराई जाएगी की परीक्षा दो घंटे की होगी और जिन विषयों की पढ़ाई सप्ताह में तीन घंटे कराई जाएगी उनकी तीन घंटे की। प्रश्रपत्रों का स्वरूप भी बदला है। प्रश्रपत्र तीन हिस्सों में बंटा होगा। पहले हिस्से में अति लघु उत्तरीय, दूसरे में लघु उत्तरीय और तीसरे हिस्से में दीर्घ उत्तरीय प्रश्र पूछे जाएंगे।
ऐसे मिलेगा क्रेडिट
सत्र - क्रेडिट
पहला- 20.5
दूसरा- 20.5
तीसरा- 24.5
चौथा- 23.5
पांचवां- 23
छठवां- 23.5
सातवां- 15
आठवां- 15.5
एआईसीटीई के मॉडल करिकुलम के अनुसार पाठ्यक्रम रिवाइज किया है। परीक्षा का भी पैटर्न बदला है। एकेडमिक काउंसिल ने क्रेडिट बेस्ड सिस्टम को इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।
प्रो. एनपी कौशिक, कुलपति, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय