जवाहर नगर थाना क्षेत्र के तलवड़ी में 3 साल पहले हुई थी वारदात, दोनों आरोपित भाई जेल में हैं बंद
कोटा . जवाहर नगर थाना क्षेत्र में तीन साल पहले हुए रुद्राक्ष अपहरण व हत्याकांड मामले में सोमवार को गवाहों के बयान पूरे हो गए। अब इस मामले में उप अधीक्षक भगवतसिंह हिंगड़ से जिरह होना शेष है।
विशिष्ट लोक अभियोजक कमलकांत शर्मा ने बताया कि एससी-एसटी कोर्ट में सुनवाई के दौरान अंतिम गवाह रिलायंस कम्पनी के नोडल अधिकारी एस.एन. सिन्हा के बयान हुए। अभी तक चालान में बनाए गए सभी ११० गवाहों के बयान हो चुके हैं।
शर्मा ने बताया कि चालान के बाद भी कुछ गवाहों को सूची में जोड़ा गया था, लेकिन उनमें से कुछ को तर्क कर दिया गया है। मामले में जवाहर नगर थाने के तत्कालीन सीआई अनुसंधान अधिकारी और उदयपुर में पद स्थापित भगवतसिंह हिंगड़ के बयान तो हो चुके हैं, लेकिन उनसे जिरह अधूरी है, उन्हें सोमवार को अदालत में पेश होना था, लेकिन वे नहीं आए।
अब मंगलवार को भी सुनवाई होनी है। सोमवार को सुनवाई के दौरान आरोपित अंकुर पाडि़या को जेल से अदालत में पेश किया गया, जबकि तबीयत खराब होने से अनूप पाडि़या को पेश नहीं किया जा सका।
ये था मामला
तलवंडी निवासी 7 वर्षीय बालक रुद्राक्ष हांडा का 9 अक्टूबर 2014 को पार्क से अंकुर पाडि़या ने दो करोड़ रुपए की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया था। पकड़े जाने के डर से उसने रुद्राक्ष को तालेड़ा थाना क्षेत्र स्थित जाखमुंड नहर में फेक दिया। जहां से पुलिस ने अगले दिन उसका शव बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित अंकुर व उसके भाई अनूप को लखनऊ से २७ अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपित भाई जेल में हैं।