अचानक फैली गांधी सागर बांध की दीवार में दरार और 18 माह नहरें बंद होने की अफवाह, सच्‍चाई जानने के लि‍ए परेशान किसान
कोटा .
अभी तो चम्बल नदी की दाई व बाई मुख्य नहर में जल प्रवाह चल ही रहा है। तीन माह तक और भी नहरों में जल प्रवाह रहेगा। अभी से ही किसानों में ऐसी अफवाह फैली हुई है कि वर्ष 2018 में किसानों को 18 माह तक नहरों में जल प्रवाह नहीं होगा। चम्बल सिंचित क्षेत्र के किसानों के खेत सूखे रहेंगे। ऐसी अफवाह के चलते किसान, जल उपयोक्ता समितियों, चम्बल परियोजना समिति के पदाधिकारी, सीएडी के अभियंता भी हैरान है। लेकिन अधिकारियों व सीएडी के अधिकारियों ने इस अफवाह को सिरे से खारिज किया है। साथ ही यह भी अपील की है कि किसान अफवाहों पर ध्यान नहीं दे। किसी भी सूरत में चम्बल परियोजना की नहरें बंद नहीं होगी। नहरों में लगातार नियमानुसान जल प्रवाहित रहेगा।
गांधी सागर में आ गई दरार, मरम्मत के लिए खाली करेंगे पानी
बारां जिले की सरकन्या जल वितरण समिति के अध्यक्ष रामेश्वर नागर ने बताया कि उनके पास क्षेत्र के किसानों के फोन आ रहे है। जो वर्ष 2018 में 18 माह तक नहरों में पानी बंद होने की सूचना का सत्यापन कर रहे हैं। किसान फोन कर बता रहे हैं कि क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि गांधी सागर बांध की दीवार में दरार आ गई जिसकी मरम्मत के लिए बांध को खाली कर मरम्मत की जाएगी। इसके लिए 18 माह तक नहरों में जल प्रवाह बंद रखा जाएगा।
बटाई पर खेती करने वाले किसानों की करतूत
मानसगांव जल वितरण समिति के अध्यक्ष व चम्बल परियोजना समिति के उपाध्यक्ष अशोक नंदवाना ने बताया कि उनके पास भी किसानों के फोन आ रहे हैं। जो नहरों में 18 माह तक पानी नहीं छोडऩे की जानकारी जु़टा रहे है। उन्होंने बताया कि यह बात वहीं किसान कर रहे है, जो हर साल लघ़ु सीमांत किसानों के खेतों को बटाई पर लेते हैं और खेती करते हैं। ऐसी अफवाह उड़ाने से बटाई के खेतों की दर कम हो जाएगी और उन्हें सस्ते में बटाई पर खेत मिल जाएंगें।
15 दिन से आ रहे किसानों के फोन
कोटा चम्बल परियोजना समिति के सभापति का कहना है कि सुनील गालव करीब 12-15 दिन से रोजाना किसान फोन कर नहरें बंद होने की बात कर रहे हैं। जबकि जल संसाधन विभाग की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं है। गांधी सागर में पर्याप्त पानी है। आगामी फसली सीजन के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा।
किसान अफवाहों पर ध्यान नहीं दें
सीएडी (सिंचाई खंड) के अधीक्षण अभियंता एसके सामरिया का कहना है कि किसान अफवाहों पर ध्यान नहीं दे। नहरों में पूरा जल प्रवाहित किया जा रहा है। आगामी फसली सीजन में भी पूरा पानी दिया जाएगा।