कोटा

मां की मौत के बाद बच्ची ले गया नशेड़ी, सुरक्षित लौटी

मां की मौत के बाद बहला कर बच्ची को अस्पताल से ले गया नशेड़ी। चंगुल से छूट लाखेरी से सुरक्षित लौटी बच्ची। आरोपित पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर है।
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Updated: 14 Oct 2017, 3:46 PM IST
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लौट कर आई बच्ची

जेके लोन अस्पताल में तीन दिन से लावारिस हालत में भर्ती महिला की शुक्रवार सुबह मौत होने के बाद उसकी दस साल की बच्ची को अस्पताल से ही एक नशेड़ी इलाज के रुपयों का इंतजाम करने के बहाने से अपहरण कर लाखेरी तक ले गया। हालांकि बच्ची देर शाम को उसके चंगुल से बचकर लौट आई लेकिन उसे ले जाने वाला आरोपित गिरफ्त में नहीं आ सका। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

मां के इलाज के रूपय देने के बहाने ले गया

थानाधिकारी हरीश भारती ने बताया कि गर्भवती महिला मधु सूर्यवंशी (38)10 अक्टूबर को लावारिस हालत में जेके लोन अस्पताल में भर्ती हुई थी। उसके साथ दो छोटी बच्चियां गोलू(8) व शालू(10) भी थी। दो दिन पहले महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। शुक्रवार सुबह महिला की भी मौत हो गई। इसके बाद बड़ी बच्ची शालू को एक नशेड़ी अस्पताल से महिला के इलाजे के लिए रुपयों का इंतजाम करने के बहाने से अपने साथ ले गया। जब छोटी बच्ची ने लोगों को यह बात बताई तो अस्पताल में हड़कम्प मच गया। सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची। वहां सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे। फुटेज में एक व्यक्ति बच्ची का हाथ पकड़कर ले जाते हुए दिख रहा था। फुटेज के आधार पर पुलिस ने सभी थानों व जीआरपी व आरपीएफ में मैसेज कर तलाश शुरू कर दी।

जीआरपी को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मिली बच्ची

रेलवे स्टेशन, ट्रेन और बसों में भी सघन जांच की गई। उप अधीक्षक शिव भगवान गोदारा के नेतृत्व में पूरे सर्किल के सीआई व स्पेशल टीम भी जुट गई। सीआई ने बताया कि पूरे दिन बच्ची व आरोपित की तलाश में पुलिस टीमें लगी रही। देर शाम को बच्ची जीआरपी को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मिली जहां से उसे नयापुरा पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि आरोपित उसे अस्पताल से मैजिक में बैठाकर रेलवे स्टेशन लेकर गया। वहां से ट्रेन से लाखेरी ले गया। वहां दोनों ट्रेन से उतर गए। वहां शक होने पर वह किसी तरह चंगुल से बचकर दूसरी ट्रेन में बैठकर कोटा आ गई। सीआई ने बताया कि बच्ची डरी हुई है लेकिन सुरक्षित है। आरोपित की तलाश की जा रही है। सीआई ने बताया कि आरोपित अस्पताल परिसर में ही घूमता रहता है। महिला के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से वह देखभाल कर रहा था। बच्चों को भी खाना खिला रहा था।

9 माह पहले आई कोटा

परिजनों के बारे में जानकारी करती पुलिस भीमगंजमंडी निवासी राजेश जैन तक पहुंची। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी के छोड़ जाने के बाद 9 माह से मधु उसके साथ बच्चियों समेत रह रही थी। मूलत: उत्तरप्रदेश की मधु को पति द्वारा छोडऩे के बाद उसके मामा ने ही राजेश के पास रहने भेजा था। करीब 20 दिन पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई तो वह घर से निकल गई। इसके बाद 10 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती हुई।

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