
कोटा. लाडपुरा पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक मंगलवार को प्रधान राजेन्द्र्र मेघवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बिजली, पानी, सड़क व अवैध खनन पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा। बैठक में काल्याखेड़ी सरपंच शिवकुमार पांचाल ने कहा कि फाटाखेड़ा से बक्शपुरा के बीच करीब 21 लाख की लागत से 350 फीट सीसी रोड बनना है। यहां छह माह से गिट्टी व कीचड़ फैला है। इसी तरह से फाटाखेड़ा से रावठां रोड तक 40 लाख की लागत से डामरीकरण होना है। यह सात गांवों का रास्ता है, लेकिन यहां भी गिट्टी फैला रखी है। हालात यह है कि ग्रामीण रास्तों से निकल नहीं पाते। आए दिन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। जब रोड स्वीकृत हो गया तो अधूरा क्यों छोड़ रखा है। या तो अधिकारी रोड पर गिट्टी नहीं डालते। उन्होंने यहां तक कह दिया कि गांव में किसी अधिकारी की पिटाई होती है तो जनप्रतिनिधि जिम्मेदार नहीं होंगे।
डोल्या सरपंच नंदलाल मेघवाल ने कहा कि कोटा-रावतभाटा के बीच सड़क चौड़ाई का कार्य चल रहा है, लेकिन यहां छह माह में मात्र तीन किमी सड़क चौड़ी हुई है। बाकी मिट्टी खोदकद डाल रखी है। इससे हादसे की आशंका बनी है। रंगपुर सरंपच ने गांव में आरो खराब पड़े होने व उपप्रधान पदमा शर्मा ने बारोबास-मण्डाना पेयजल योजना से कम दबाव से जलापूर्ति की शिकायत की। कुछ जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में बिजली की समस्या भी उठाई।
अवैध ईट्ट भट्टों पर करो कार्रवाई
प्रधान राजेन्द्र मेघवाल ने कहा कि कैथून-सांगोद के बीच गंदीफली में 200 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से ईट्ट भट्टे चल रहे हंै। सरकारी जमीन भूमाफियाओं ने कब्जे में कर रखी है। ईट्ट भट्टों से दिनभर मिट्टी व धुआं उठता है। इससे लोग रास्ते से निकल भी नहीं पाते। अवैध ईट्ट-भट्टों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर एसडीएम दिवांशु शर्मा ने पटवारी से रिपोर्ट लेकर तहसीलदार व विकास अधिकारी की संयुक्त रूप से टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मिलीभगत से खोखला कर दिया जंगल
बैठक में जिला प्रमुख सुरेन्द्र गोचर ने वन विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से सीमलहेड़ी, डाढ़देवी व आलनिया में पूरा जंगल खुद गया। खननकर्ता बैखोफ होकर अवैध खनन कर रहे। इस पर रेंजर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।