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मंत्री के संभाग में कोटा डेयरी में घोटालों की लंबी फेहरिस्त… दबंग चेयरमैन के इशारे पर हो रहा ये खेल,जानिए क्या है पूरा माजरा

kota news श्रम विभाग का लाइसेंस भी निकला फर्जी
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Jun 26, 2019
Scam in kota dairy Labor Department gets fake license
मंत्री के संभाग में कोटा डेयरी में घोटालों की लंबी फेहरिस्त... दबंग चेयरमैन के इशारे पर हो रहा ये खेल,जानिए क्या है पूरा माजरा

कोटा. कोटा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (कोटा डेयरी ) में एक फर्म को लेबर सप्लाई का ठेका दिलाने के लिए प्रबंध निदेशक और लेखाधिकारी ने ही खेल कर दिया है। जांच में दोनों अधिकारियों को ठेका फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने का दोषी (defaulter) माना गया है। जिस आधार पर फर्म को डेयरी में लेबर सप्लाई का काम दिया गया, वह श्रम विभाग (Labour Department) का लाइसेंस (License) भी फर्जी पाया गया है।


राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लि. (आरसीडीएफ) को कोटा डेयरी में मिलीभगत कर एक फर्म को ठेका देने की शिकायत मिली थी। इस पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार ने कोटा सहकारी समितियां के क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी (Audit officer) को जांच (inspection) सौंपी थी। मुख्यालय को पांच पेज की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अब डेयरी अधिकारियों पर गाज गिरने की संभावना है।

यह गड़बड़ी सामने आई

जांच में पाया कि ठेका फर्म निर्धारित शर्तों की पालना नहीं करती थी, इसके बावजूद ठेका दिया गया है। एक शर्त थी वह फर्म ही निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकती थी, जिसका सालाना टर्नओवर एक करोड़ से अधिक का हो। इस पर ठेका संचालक ने सीए से एक करोड़ दो लाख की प्राप्तियां की रिपोर्ट बनाकर लगा दी।

जबकि इस सहकारी समिति ने 2009 से 2012 तक तीन साल का एक साथ ऑडिट विभागीय निरीक्षक द्वारा किया गया था। जिसका टर्नओवर दो लाख 60 हजार रुपए था। जांच में चित्रांश पूर्व सैनिक बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति को फर्जी व कूटरचित दस्तावेज लगाकर ठेका हथियाने का दोषी माना है।

पुराना मामला है, इसलिए निविदा प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन डेयरी में ठेका नियमों के तहत ही जारी किया जाता है। इस कारण गड़बड़ी की संभावना नगण्य है।

श्याम बाबू वर्मा प्रबंधन निदेशक कोटा डेयरी

Published on:
26 Jun 2019 07:00 am