
कोटा. क्या आप जानते हैं झास-फूस व झाडिय़ों में पाए जाने वाला पिस्सू कितना जानलेवा होता है। इसके काटने से तीन दिन में ही तीन लोगों की मौत हो चुकी है। यह गंभीर बीमारी फैला रहा है। असल में पिस्सू के काटने से स्क्रब टायफसनामक बीमारी होती है।
यह बीमारी मुख्य: पहाड़ों इलाकों में होती है। लेकिन, अब यह मैदानी इलाकों में भी तेजी से पांव पसार रही है। हाड़ौती में भी इसकी दस्तक हो चुकी है। पिछले तीन दिन में तीन मरीजों की स्क्रब टायफस से मौत हो गई। चिकित्सा विभाग ने लगातार हो रही मौतों के मामले में चुप्पी साध ली है। जानकारी के अनुसार, एमबीएस अस्पताल में मंगलवार देर रात स्क्रब टायफस से बारां जिले के हटवाड़ी शाहाबाद निवासी सोना (22) को सिर दर्द होने पर परिजनों ने 31 अगस्त को एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में उसके स्क्रब टायफस की पुष्टी हुई। मंगलवार को उसका दम टूट गया।
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गौरतलब है कि सोमवार सुबह झालावाड़ जिले के खानपुर निवासी शिवप्रसाद (50) की एमबीएस अस्पताल में स्क्रब टायफस से मौत हुई। शनिवार को कोटा जिले के इटावा क्षेत्र के जटवाड़ी निवासी राधेश्याम गुर्जर (40) की नए अस्पताल में स्क्रब टायफस से मौत हुई। इससे पहले बूंदी जिले के केशवरायपाटन क्षेत्र इंद्रपुरिया निवासी देवीशंकर बैरवा (60) की 11 अगस्त को स्क्रब टायफस से मौत हो गई।
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हाड़ौती में 45 मरीज आए
चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, हाड़ौती में जनवरी से अगस्त तक 45 रोगी स्क्रब टायफस के सामने आ चुके हैं। यदि अगस्त माह के आंकड़े देखें तो चौंकाने वाले हैं। इस माह में 28 रोगी मिले है। इनमें से कोटा में 20 मामले सामने आए हैं।
पिस्सू के काटने से होती है बीमारी
स्क्रब टायफस पिस्सू के काटने से होता है। बारिश में यह ज्यादा होता है। इसका किटाणु घास-फूस व झाडिय़ों में पाया जाता है। नंगे पैर घास में नहीं चलें। नदी व झाडिय़ों में मौजे व जूते पहनकर जाएं। घरों के आसपास भी यदि घास व झाडिय़ां बढ़ी हैं तो उनकी कटाई की जाए।
डॉ. मनोज सालूजा, सीनियर फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज