कोटा

अब उपभोक्ताओं से ऊंची आवाज में नहीं बोल सकेंगे विद्युतकर्मी

जेवीवीएनएल के एमडी ने विद्युत कर्मियों को दी व्यवहार सुधारने की सीख, बोले, आपकी डेढ़ साल की कोशिशों ने ही कंपनी को मुनाफे में पहुंचाया
2 min read
Oct 06, 2018
JVVNL seminar
जेवीवीएनएल के एमडी ने विद्युत कर्मियों को दी व्यवहार सुधारने की सीख

कोटा. बिजली विभाग के दफ्तरों में अब कोई कर्मचारी उपभोक्ताओं से ऊंची आवाज में बात करता नहीं दिखेगा। अभद्रता करना विद्युत कर्मियों को भारी पड़ सकता है। जेवीवीएनएल ने अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को उपभोक्ताओं से अदब से पेश आने की हिदायत दी है।

निर्देशों पर अमल करने को प्रेरित करने के लिए निगम चेयरमैन ने खुद यूआईटी ऑडिटोरियम में विद्युत कर्मियों के साथ बैठक की।
जेवीवीएनएल ने आईटीआई पास हेल्परों को डेढ़ साल पहले फीडर इंचार्ज बनाने की शुरुआत की थी।

इसके बाद फीडर से जुड़े कनेक्शनों की रीडिंग लेने, बिल बनाने, उनकी वसूली करने, भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने, नए कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने और उन्हें लगाने का काम भी इन्हीं के कंधे पर आ गया। कर्मचारियों पर काम का दबाव आने से उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता की शिकायतें आने लगी। उपभोक्ता सेवाओं में सुधार व सम्मानजनक व्यवहार के लिए गोष्ठियों के आयोजन की शुरुआत की है।

काम को न समझें छोटा

यूआईटी ऑडिटोरियम में कोटा क्षेत्र के विद्युत कर्मियों खासतौर पर फीडर इंचार्ज को प्रोत्साहित करने के लिए बैठक हुई। इसमें चेयरमैन आरजी गुप्ता ने कहा कि फीडर से जुड़ी सारी व्यवस्थाएं अब फीडर इंचार्ज को ही संभालनी होंगी। इसमें बदलाव नहीं होगा, क्योंकि इससे निगम को फायदा भी हुआ और सिस्टम भी सुधरा है। यही वजह रही कि पिछले साल की प्रथम छमाही में सितम्बर माह तक जो निगम ४३२ करोड़ घाटे में था, वह इस साल प्रथम छमाही में घाटे को पाटने के साथ ही ७६ करोड़ के मुनाफे में आ गया।

बदलनी होगी मानसिकता
गुप्ता ने कहा कि बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार की अक्सर निंदा होती है। इसलिए इसके कारणों को तलाशने की जरूरत है। किसी के आदेश से यदि इंसानी व्यवहार बदल जाता तो जेवीवीएनएल के कर्मचारियों का व्यवहार सबसे अच्छा होता, क्योंकि उन्हें इस बाबत एक लाख बार से ज्यादा निर्देश दिए जा चुके होंगे। इसे सिर्फ मानसिकता बदलने से ही सुधारा जा सकता है। आपके व्यवहार से आपको सम्मान मिल रहा है और कंपनी घाटे से उबर रही है।

छीजत घटाने पर दें जोर

उन्होंने छीजत घटाने पर जोर देते हुए कहा कि एक फीसदी छीजत घटाने से करीब 150 करोड़ रुपए का फायदा होता है। इसलिए प्रत्येक फीडर इंचार्ज लक्ष्य लेकर चले कि वह अपने यहां कम से कम १५ फीसदी छीजत घटाएगा। झालावाड़ के लोगों ने अच्छा काम किया तो वहां की छीजत 30-32 परसेंट से घटकर 20 परसेंट पर आ गई। वहीं बारां में काम नहीं हुआ तो छीजत बढ़ गई। उन्होंने ट्रांसफार्मरों के रखरखाव पर भी जोर दिया। इस दौरान जेवीवीएनएल कोटा के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

Published on:
06 Oct 2018 11:00 am