मोईकलां (कोटा) कश्मीर घाटी में शहीद हुए देश के 17 वीर सपूतों की शहादत से हर आम व खास व्यक्ति आहत महसूस कर रहा है।
मोईकलां (कोटा) कश्मीर घाटी में शहीद हुए देश के 17 वीर सपूतों की शहादत से हर आम व खास व्यक्ति आहत महसूस कर रहा है।
मोईकलां निवासी आरएसएस के वरिष्ष्ठ कार्यकर्ता बाबूलाल यादव (65) ने इस गंभीर घटना से आहत होकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि यहां घुट-घुट कर जीने से अच्छा है हम खुद भी सीमा पर पहुंच जाएं।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से बचपन से जुड़े यादव ने पत्र में लिखा है कि देश के लिए शहीद होने वाले वीर सैनिक भी किसी के भाई तो किसी के बेटे व पति होंगे।
आम लोग व तमाम राजनेता शहीदों को श्रद्वांजलि देंगे। पर प्रधानमंत्री जी जिस परिवार का सदस्य दुनिया छोड़कर जाता है उस परिवार की हालत क्या होती है यह तो परिवार वाले ही जानते हैं।
जरूरत से ज्यादा आत्मा को जलील करना भी पाप की श्रेणी में आता है। यादव ने लिखा है कि कश्मीर में आर्मी बेस पर आतंकी हमले में शहीद हुए 17 वीर जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए।
अगर सेना की शहादत बेकार हुई तो देश के हर व्यक्ति का जीवन किसी काम का नहीं है। कार्यकर्ता ने लिखा है कि देश का हर व्यक्ति आपकी तरफ आशावादी नजर से देख रहा है।