कोटा

Cold Day : प्रदेश में सबसे सर्द दिन कोटा में, धूजते रहे लोग

अधिकतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 8.8 डिग्री नीचे

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Jan 05, 2026
Kota Weather

हाड़ौती अंचल में कड़ाके की सर्दी ने हाड़ कंपा दिए। कोटा में सोमवार को ‘सीवियर कोल्ड डे’ की स्थिति दर्ज की गई, जहां दिन में भी सर्दी से लोग धूजते नजर आए। प्रदेश में कोटा का अधिकतम तापमान सबसे कम दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 8.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, कोटा का अधिकतम तापमान 13.3 व न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान कोटा में 13.3 डिग्री (सामान्य से 8.8 डिग्री नीचे) दर्ज हुआ है। जबकि न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हवा की रफ्तार 5 किमी प्रति घंटे की रही। स्टेशन क्षेत्र का अधिकतम तापमान 13.0 व न्यूनतम तापमान 1 डिग्री बढ़कर 7.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

देर रात से छाया घना कोहरा

सुबह 11 बजे तक छाया रहा। उसके बाद 2 बजे धूप खिली, लेकिन ठंडी हवाओं के आगे धूप बेअसर रही। इसके चलते घरों के अंदर व बाहर लोग कंपकंपाते रहे। कई लोगों ने दिन में जलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन किया। बाजारों में आवाजाही कम रही। शीतलहर शूल सी चुभती रही।

रेंग-रेंग कर चलते रहे वाहन

रात व सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही। जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कड़ाके की सर्दी का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय बाजारों में रौनक कम रही, जबकि लोग अलाव तापते और गर्म पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

आगे ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में आगामी एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाने और शीत दिवस की स्थिति बने रहने के आसार हैं। साथ ही न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है। राज्य के उत्तरी भागों में शीतलहर चलने की भी संभावना जताई गई है।

स्कूलों की छुट्टियां खत्म, ठिठुरते हुए स्कूल जाएंगे बच्चे

शीतकालीन छुट्टियां समाप्त होने के बाद मंगलवार से स्कूल खुलेंगे, लेकिन सुबह के समय घने कोहरे और बेहद कम तापमान ने बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। अभिभावकों का कहना है कि इतनी कड़ाके की सर्दी में खासकर छोटे बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा है।

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