राजस्थान के कोटा शहर में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं, जहां भगवान शिव के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Kota Famous Shiv Mandir: महाशिवरात्रि आने वाली है, ऐसे में कहीं घूमने का प्लान कर रहे हैं तो कोटा के ये प्रसिद्ध मंदिर आपके लिए बेस्ट होंगे। राजस्थान के कोटा शहर में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं, जहां भगवान शिव के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
कोटा के थेगड़ा क्षेत्र में स्थित शिवपुरी धाम को थेगड़ा महादेव के नाम से भी जाना जाता है। ये अनोखा शिव मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए फेमस है। यहां 525 छोटे शिवलिंगों से एक बड़ा स्वास्तिक बना हुआ है। इसमें एक बड़ा शिवलिंग है जो 16 टन वजनी और 15 फ़ीट ऊँचा है। यहां भगवान पशुपतिनाथ की 4-मुखी सफेद मूर्ति भी विराजमान है।
गरडिया महादेव मंदिर चंबल नदी के तट पर नदी के जलस्तर से लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। सब जगह हरियाली और पानी के साथ पक्षियों की चहचहाहट इस स्थान को और खूबसूरत बना देती है। बहते झरने की आवाज सुनने के लिए लोग घंटों यहां बैठ जाते हैं। मानसून के मौसम में यहां का नज़ारा सबसे ज्यादा आकर्षित करता है।
कोटा का कंसुआ शिव मंदिर ऐतिहासिक शिव मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण सातवीं शताब्दी में हुआ था। यहां भगवान शिव अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। जहां माता सती के साथ उनकी पुत्री अशोकासुंदरी की मूर्तियां भी हैं। मंदिर का नाम ऋषि कण्व के आश्रम के कारण पड़ा, जहां राजा दुष्यंत और शकुंतला का विवाह हुआ था। मान्यता है कि इस शिव मंदिर में दर्शनमात्र से ही भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है।