
मंत्री मदन दिलावर व प्रदर्शन करते शिक्षक। पत्रिका फाइल फोटो
Kota News: राजस्थान में शिक्षकों के आंदोलन के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रीष्मावकाश में कटौती के विरोध में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में निकाले गए विरोध मार्च के बाद कई शिक्षक नेताओं और पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने प्रदर्शन और रैली निकालने पर शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने का विरोध किया है। साथ ही इस कार्रवाई से शिक्षकों में भी आक्रोश व्याप्त है।
संगठन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर आरोप लगाया है कि रैली से नाराज होने पर उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। संगठन अध्यक्ष सियाराम ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में कटौती और शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में शिक्षक रैली निकाली गई। रैली में तीन हजार से अधिक शिक्षक शामिल हुए थे और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पुलिस प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था।
संगठन का आरोप है कि रैली की सफलता के बाद भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता के माध्यम से रामगंजमंडी थाने में मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा और कोषाध्यक्ष हेमंत कुमार जांगिड़ सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
इधर, कोटा में आयोजित 58वें प्रांतीय महासमिति के दो दिवसीय अधिवेशन में विभिन्न आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों के विरोध, पेट्रोल-डीजल व गैस की बढ़ती महंगाई तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। अधिवेशन में सार्वजनिक शिक्षा बचाने, शिक्षक हितों की रक्षा करने तथा लोकतांत्रिक व संवैधानिक मूल्यों की मजबूती के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। इस दौरान देवेंद्र झाझड़िया, भंवरलाल काला, भंवरलाल कसवां, पवन छींपा, रामस्वरूप चौधरी, अशोक लोदवाल, हेमंत खराड़ी, संजय पुरोहित, अंजू दुलड़, सुनीता सिहाग, पोखरमल, महावीर मीणा, ईश्वर सिंह, चंद्रशेखर शर्मा, घासीलाल एवं अजीम पठान सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के आह्वान पर 18 मई को प्रदेशभर से शिक्षक शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी पहुंचे थे। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की आर से जारी शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में विद्यालयी अवकाशों में कटौती का विरोध किया और रैली निकालकर नाराजगी जताई। इस दौरान शिक्षा मंत्री के पुतले के साथ रैली में जमकर नारेबाजी की।
-राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग के अव्यावहारिक आदेशों को वापस लेना।
-विद्यालय भवनों की ग्रीष्मावकाश में सार्वजनिक निर्माण विभाग से जांच कराना।
-सातवें वेतनमान में व्याप्त विसंगतियों को दूर करना।
-तृतीय श्रेणी अध्यापकों का ग्रेड पे 4200 तथा वरिष्ठ अध्यापकों का 4800 रुपए करना।
-शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए स्थायी एवं पारदर्शी नीति लागू करने।
-पुरानी पेंशन योजना को पूर्ण रूप से लागू करने।
-एनपीएस में जमा राशि को जीपीएफ खातों में स्थानांतरित करना।
Published on:
25 May 2026 12:22 pm
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