
नाले से बाइक को निकालती टीम और रिटायर्ड प्रिंसिपल का फाइल फोटो: पतिरका
KDA Action On Retired Principal Death Case: कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के थेगड़ा लिंक रोड पर खुले नाले में गिरने से रिटायर्ड प्रिंसिपल की मौत के मामले में संवेदक और केडीए अभियंताओं की लापरवाही उजागर होने पर बोरखेड़ा क्षेत्र के अधिशासी अभियंता सहित तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। तीनों अभियंता का मुख्यालय जयपुर किया गया है। इसके साथ ही संवेदक मैसर्स इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। संवेदक पर गंभीर लापरवाही बरतने पर 17,23,712 रुपए की शास्ति लगाई है।
कोटा विकास प्राधिकरण सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि बोरखेड़ा-थेगड़ा लिंक रोड पर बुधवार देर रात खुले नाले में गिरने से रिटायर्ड प्रिंसिपल की मौत के मामले में आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर जांच के लिए शुक्रवार सुबह उपायुक्त प्रथम और निदेशक अभियांत्रिकी रविन्द्र माथुर की टीम गठित की गई। टीम ने जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धित अधिशासी अभियंता सागर मीणा, सहायक अभियंता लालचन्द्र मटोरिया एवं कनिष्ठ अभियंता विनोद मण्डावत को निलम्बित कर दिया।
साथ ही, तीनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। इसके साथ ही संवेदक मैसर्स इंजीनियर नरेन्द्र कुमार गुप्ता को आगामी 6 माह तक प्राधिकरण की समस्त निविदाओं से ब्लेक लिस्टेड कर दिया है। कार्यादेश में अनुबंध की शर्त संख्या 40 की पालना नहीं करने के कारण 10 फीसदी राशि 17 लाख 23,712 रुपए शास्ति लगाई गई है।
केडीए ने समस्त अभियंताओं को भविष्य में उक्त घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए पाबंद किया है। इसके साथ ही प्राधिकरण में चल रहे विकास कार्यों की समय-समय पर दिए गए सुरक्षा सम्बन्धित समस्त मानकों की शत प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार के अंक में केडीए अभियंताओं और संवेदक की लापरवाही को उजागर करते हुए ‘पट्टियों से पाट दी लापरवाही’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद केडीए आयुक्त व सचिव की ओर से जांच टीम गठित की गई। टीम ने भी संवेदक और अभियंताओं की लापरवाही मानी। इस रिपोर्ट के आधार पर तीनों अभियंताओं को निलम्बित और संवेदक को छह माह के लिए ब्लैक लिस्टेड करते शास्ति लगाई है।
Published on:
23 May 2026 01:41 pm
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