
ऐसा बनेगा कोटा जंक्शन। फोटो: पत्रिका
कोटा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर विकसित किए जा रहे कोटा जंक्शन और न्यू कोटा (डकनिया तालाब) रेलवे स्टेशन ग्रीन स्टेशन के रूप में नई पहचान बनाएंगे। दोनों स्टेशनों को पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां कार्यालयों सहित अधिकांश कार्यों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। इनके विकसित होने के बाद दोनों स्टेशन प्रदेश के लिए मॉडल स्टेशन बनेंगे। दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर स्थित कोटा जंक्शन और न्यू कोटा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है।
कोटा जंक्शन का निर्माण कार्य करीब 207 करोड़ रुपए तथा न्यू कोटा रेलवे स्टेशन का विकास करीब 111 करोड़ रुपए की लागत से अंतिम चरण में है। कोटा जंक्शन देश के अति व्यस्त स्टेशनों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन 220 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। दोनों स्टेशनों पर कुल 700 किलोवाट से अधिक क्षमता के सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे।
कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन को ग्रीन स्टेशन की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके तहत यहां 470 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र लगाया गया है। इसी प्रकार न्यू कोटा (डकनिया तालाब) रेलवे स्टेशन पर करीब 250 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र लगाया जाएगा। इससे स्टेशन पर संचालित कार्यालयों और अन्य व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक अधिकांश बिजली सौर ऊर्जा से प्राप्त होगी।
कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रैंप, आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्र सहायता काउंटर और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। पुनर्विकास कार्य के बाद स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन परिसर में आधुनिक आर्किटेक्चर के साथ हैरिटेज डिजाइन की झलक भी दिखाई देगी। यहां वेंटिलेटेड कॉनकोर्स, आधुनिक लाउंज, फूड कोर्ट, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और रिटेल दुकानों की सुविधा होगी। इससे प्लेटफॉर्म पर भीड़भाड़ कम होगी और यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी।
मौजूदा छह प्लेटफॉर्मों के आधुनिकीकरण के साथ यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए 6 मीटर चौड़े नए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा 9 अत्याधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 1,900 वर्गमीटर क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जहां कैफे, बुक स्टोर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए व्यापक ट्रैफिक सर्कुलेशन प्लान तैयार किया गया है। करीब 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक पार्किंग विकसित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल नेविगेशन सिस्टम और ट्रेनों की वास्तविक समय की जानकारी देने वाले बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि करीब 111 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहा न्यू कोटा रेलवे स्टेशन नए कोटा क्षेत्र और विद्यार्थियों के लिए प्रमुख स्टेशन के रूप में उभरेगा। इसे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। स्टेशन भवन में आधुनिक वास्तुकला और पारंपरिक स्थापत्य का समन्वय देखने को मिलेगा। स्टेशन को दोनों दिशाओं से आकर्षक स्वरूप दिया गया है। सामने की ओर 4,860 वर्गमीटर तथा पीछे की ओर 2,840 वर्गमीटर क्षेत्र में रियर स्टेशन भवन विकसित किया गया है। प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए 36 मीटर चौड़ा कॉनकोर्स बनाया जा रहा है। यहां आधुनिक लाउंज, 9 लिफ्ट और 9 एस्केलेटर, एग्जीक्यूटिव लाउंज तथा वातानुकूलित वेटिंग हॉल की सुविधा होगी। यात्रियों को स्मार्ट डिजिटल डिस्प्ले, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन और हाई-स्पीड वाई-फाई कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा फूड कोर्ट, कैफे, हाड़ौती संस्कृति को दर्शाते सेल्फी पॉइंट, दिव्यांगजन और दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए स्पर्श पथ, व्हीलचेयर रैंप तथा विशेष रूप से डिजाइन किए गए शौचालयों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
Published on:
24 May 2026 11:18 am
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