
पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी पर अस्थायी ब्रेक, बजट अटकने से एक सप्ताह से बंद
बारां. जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था के रखरखाव के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रिक चौकी पर छह माह में ही ताले लग गए। हालांकि तकनीकी व बजट संबंधी कारणों से चौकी का संचालन फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है। ऐसे में इसके दोबारा शुरू होने की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन करीब एक सप्ताह से चौकी बंद रहने से विद्युत व्यवस्था अस्पताल के जिम्मे आ गई है।
सुधार के साथ मिली थी राहत
चौकी पर कर्मचारी तैनात रहने से पिछले छह माह में विद्युत व्यवस्था को लेकर मरीजों और अस्पताल प्रशासन को विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। तीन पारियों में चौबीस घंटे इलेक्ट्रीशियन की व्यवस्था की गई थी। तकनीकी खराबियों का समय पर निस्तारण होने लगा था।
एसओपी के तहत बनाई व्यवस्था
चिकित्सा शिक्षा विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में रोगी सुरक्षा व अस्पतालों के रखरखाव के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई थी। इसी एसओपी के तहत मेडिकल कॉलेज से जुड़े जिला अस्पताल में सार्वजनिक निर्माण विभाग की विद्युत शाखा ने इलेक्ट्रिक चौकी स्थापित की थी।
यहां अटका मामला
एसओपी के तहत संबंधित अस्पताल को वार्षिक रखरखाव निधि के रूप में संचालन मद से दो प्रतिशत राशि सार्वजनिक निर्माण विभाग (विद्युत) को उपलब्ध करानी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक एक प्रतिशत राशि ही निर्माण विभाग को दी गई। उपलब्ध राशि से सार्वजनिक निर्माण विभाग ने छह माह तक संचालन किया। जून में कार्य अवधि समाप्त हो गई। विभाग ने इससे पहले ही नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शेष एक प्रतिशत बजट जारी नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई।
-अस्पताल में इलेक्ट्रिक चौकी के संचालन के लिए नए टेंडर हो चुके हैं। बजट उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। जल्द बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कार्यादेश जारी कर चौकी का संचालन फिर शुरू कराया जाएगा।
- रचित शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (विद्युत)