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कोटा में स्थापित हो सकता है प्रदेश का पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड!

कोटा में इलेक्ट्रिक लोको शेड बनाने की योजना तैयार : रेलवे बोर्ड से स्वीकृति का इंतजार, बिजली इंजनों के रखरखाव में होगी आसानी

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Jan 21, 2020
कोटा में स्थापित हो सकता है प्रदेश का पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड!

कोटा. कोटा में एसी इलेक्ट्र्रिक लोको शेड के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। इस पर करीब 128.57 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। अगर ऐसा हुआ को कोटा के रूप में प्रदेश को अपना पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड मिल जाएगा।


बजट में इसे स्वीकृति मिली तो इसकी विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। इस शेड में हर माह 100 लोको के रख रखाव की क्षमता होगी। कोटा मंडल की ओर से कई साल पहले पहले भी एक बार इसका प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिली। अब दुबारा इसका प्रस्ताव भेजा है। कोटा में लोको शेड बनने पर इलेक्ट्रिक इंजनों का रख रखाव आसानी से हो सकेगा। अभी तुगलकाबाद शेड में कोटा में इंजनों का रख रखाव किया जाता है। रेलवे अधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष इसका प्रजेंटेशन दिया और बोर्ड से इस प्रस्ताव की स्वीकृति दिलाने का अनुरोध किया। इसके अलावा कोटा में मेमू ट्रेन के रखरखाव के लिए भी शेड के निर्माण की योजना भी तैयार की गई है। इसका प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा जा चुका है। इसमें 10 मेमू रेक का रख रखाव किया जा सकेगा। इस शेड के निर्माण पर 82.19 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

देश में यहां हैं इलेक्ट्रिक लोको शेड
भुसावल (महाराष्ट्र), कल्याण (महाराष्ट्र), आसनसोल (पश्चिम बंगाल), हावड़ा (पश्चिम बंगाल), मुगलसराय (उत्तरप्रदेश), गोमोह (झारखंड), वाल्तेयर (विशाखापट्टनम), अंगुल (ओडिशा), गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश), लुधियाना (पंजाब), झांसी (उत्तरप्रदेश), कानपुर (उत्तरप्रदेश), अर्राकोणम (तमिलाडु), ईरोड (तमिललाडु), रोयपुरम (चेन्नई), विजयवाड़ा (आंध्रप्रदेश), लालागुडा (सिकंदराबाद, तेलांगाना), काजीपेट (तेलंगाना), टाटा (झारखंड), बोंदामुंडा (राउरकेला, ओडिशा), बोकारो (झारखंड), सांतरागाछी (कोलकाता, पश्चिम बंगाल), भिलाई (छत्तीसगढ़), वडोदरा (गुजरात), वलसाड (गुजरात), तुगलकाबाद (दिल्ली), इटारसी (मध्यप्रदेश), कटनी (मध्यप्रदेश)।

Published on:
21 Jan 2020 07:09 pm
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